न्यूयॉर्क। करीब छह साल बाद तकनीकी दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने ऐपल को पीछे छोड़ते हुए वॉल स्ट्रीट की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 जनवरी को अल्फाबेट का बाजार पूंजीकरण 3.88 ट्रिलियन डॉलर पर बंद हुआ, जबकि ऐपल का मूल्यांकन 3.84 ट्रिलियन डॉलर रहा। यह बदलाव निवेशकों के रुझान में आए बड़े परिवर्तन को दर्शाता है, जिसका मुख्य कारण गूगल की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में तेज उभार है।

शानदार प्रदर्शन

2025 में अल्फाबेट के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। साल भर में इसके शेयरों में करीब 65 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जो 2009 के बाद सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन माना जा रहा है। वहीं, ऐपल के शेयर हाल के दिनों में दबाव में रहे और पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इनमें 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।

जेमिनाई एआई का जादू

अल्फाबेट की इस वापसी के केंद्र में गूगल का जेमिनाई एआई प्लेटफॉर्म है। अगस्त 2025 में लॉन्च हुआ जेमिनाई का इमेज जनरेशन फीचर ‘नैनो बनाना’ देखते ही देखते वायरल हो गया। कुछ ही हफ्तों में जेमिनाई ऐप पर 5 अरब से ज्यादा तस्वीरें बनाई गईं और इसने ऐपल ऐप स्टोर पर चैटजीपीटी को भी पीछे छोड़ दिया। दिसंबर में आए जेमिनाई 3 को भी शुरुआती तौर पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

हार्डवेयर में भी मजबूती

सॉफ्टवेयर के साथ-साथ हार्डवेयर में भी गूगल ने मजबूत कदम बढ़ाए हैं। नवंबर में कंपनी ने अपनी सातवीं पीढ़ी की टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट ‘आयरनवुड’ पेश की, जिसे एनविडिया के चिप्स के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। मेटा के साथ टीपीयू डील ने भी बाजार में हलचल मचा दी।

गूगल क्लाउड की बढ़ती ताकत

इसके अलावा गूगल क्लाउड में बढ़ती हिस्सेदारी, बड़े एंटरप्राइज अनुबंध और वेमो के जरिए स्वचालित ड्राइविंग में अग्रणी भूमिका ने अल्फाबेट की स्थिति और मजबूत की है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों में गूगल क्लाउड ने जितने 1 अरब डॉलर से ज्यादा के सौदे किए, उतने पिछले दो वर्षों में भी नहीं हुए थे।

ऐपल की चुनौतियां

वहीं ऐपल का आईफोन 17 की मांग मजबूत बताई जा रही है, लेकिन एआई रेस में उसकी धीमी मौजूदगी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी दुनिया में