एफआर न्यूज. जयपुर। चिरायु हॉस्पिटल के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. कुणाल जैन ने कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एफआर न्यूज से बातचीत में उन्होंने बताया कि आज के समय में कैंसर सिर्फ उम्रदराज लोगों की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि युवाओं और महिलाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण गलत जीवनशैली, सुपारी, बीड़ी, तंबाकू, पानमसाला और धूम्रपान का सेवन है। डॉ. जैन ने कहा कि सबसे अधिक मामले फेफड़ों के कैंसर के सामने आते हैं, जो सीधे तौर पर तंबाकू और धूम्रपान से जुड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सुपारी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी तंबाकू, क्योंकि यह मुंह, गले और फेफड़ों में जानलेवा कोशिकीय बदलाव पैदा कर देती है।
महिलाओं में बढ़ रहा कैंसर का खतरा
डॉ. जैन के अनुसार महिलाओं में सर्वाइकल (गर्भाशय मुख) और ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने विशेष तौर पर बताया कि 9 से 26 वर्ष की उम्र में एचपीवी वैक्सीन लगवाकर सर्वाइकल कैंसर से 90% तक बचाव संभव है। यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है, लेकिन1 जागरूकता की कमी के कारण बहुत कम परिवार अपनी बेटियों को यह टीका लगवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले कारकों में मोटापा, हार्मोनल बदलाव, बहुत देर से बच्चे होना और परिवार में पहले से कैंसर का इतिहास (Genetic कारण) शामिल हैं।
बचाव ही सबसे बड़ा उपचार
डॉ. जैन ने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी, वजन नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी है। ब्रेस्ट कैंसर में स्वयं जाँच और समय पर मैमोग्राफी जान बचा सकती है। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।
