फ्राइडे संवाद. फतेहपुर शेखावाटी | राजकीय उप जिला (धानुका) अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. इमरान अली ने चाइनीज मांझे के बहिष्कार के लिए एक संवेदनशील अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा सिर्फ धागा नहीं, बल्कि मौत का फंदा है। डॉ. अली ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “अस्पताल में रोज ऐसे मासूम चेहरे देखता हूं, जिनकी खुशियां एक पल में लहूलुहान हो जाती हैं। किसी का गला कट जाता है, किसी की आंखों में डर हमेशा के लिए बस जाता है, और कभी-कभी तो किसी घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ जाता है।” उन्होंने कहा कि त्योहार खुशियां लेकर आते हैं, लाशें नहीं। पतंग उड़ाना आनंद है, लेकिन किसी की जान लेकर नहीं।

सामूहिक संकल्प की जरूरत

डॉ. इमरान अली ने लोगों से अपील की है कि:
– चाइनीज मांझे का पूर्ण बहिष्कार करें
– बच्चों को समझाएं और उन्हें सुरक्षित मांझा ही दें
– यदि कहीं यह मांझा बिकता दिखे, तो आवाज उठाएं
उन्होंने कहा, “एक छोटा-सा त्याग कई जिंदगियां बचा सकता है। आइए, इंसानियत को जीतने दें।”
चाइनीज मांझा, जो कांच के पाउडर और केमिकल से बना होता है, अत्यंत खतरनाक है। यह न केवल इंसानों बल्कि पक्षियों के लिए भी घातक साबित होता है। कई राज्यों में इस पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन अभी भी इसका अवैध कारोबार जारी है। डॉ. इमरान की यह अपील समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि सुरक्षा और इंसानियत को त्योहारों की खुशियों से ऊपर रखना चाहिए।

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