नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री यशस्वी योजना (PM-YASASVI) किसी वरदान से कम नहीं है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की कमी किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा न बने। योजना के तहत ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और विमुक्त, घुमंतू व अर्ध-घुमंतू जनजाति (DNT) वर्ग के छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। योजना के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को सालाना 75,000 रुपये तथा 11वीं और 12वीं के छात्रों को 1.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशि में ट्यूशन फीस, स्कूल शुल्क और हॉस्टल खर्च भी शामिल होते हैं। पूरी धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे छात्रों के बैंक खाते में भेजी जाती है।

जरूरतमंद छात्रों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत सहारा

पीएम यशस्वी योजना के पांच प्रमुख घटक हैं—प्री मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, टॉप क्लास स्कूल एजुकेशन, टॉप क्लास कॉलेज एजुकेशन और हॉस्टल निर्माण। प्री मैट्रिक में 4,000 रुपये और पोस्ट मैट्रिक में कोर्स के अनुसार 5,000 से 20,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है। टॉप क्लास स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए देशभर के चुनिंदा संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है। सीटों की बात करें तो इस योजना के तहत देशभर में हर वर्ष हजारों छात्रों का चयन किया जाता है। टॉप क्लास स्कूल शिक्षा में करीब 15,000 से अधिक सीटें निर्धारित हैं, जबकि अन्य श्रेणियों में राज्यवार कोटा तय किया जाता है। कुल सीटों में 30 प्रतिशत आरक्षण छात्राओं के लिए रखा गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए छात्र का भारतीय नागरिक होना, संबंधित वर्ग से होना और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होना जरूरी है। चयन मेरिट के आधार पर होता है। इच्छुक विद्यार्थी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह योजना जरूरतमंद छात्रों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत सहारा दे रही है।

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