इतिहास के पन्नों में दर्ज दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का नाम आज भी लोगों को हैरान कर देता है। करीब सात सौ साल पहले माली साम्राज्य का सुल्तान मानसा मूसा को इतिहासकार अब तक का सबसे धनी इंसान मानते हैं। अनुमान लगाया जाता है कि उनके पास आज की कीमत के अनुसार पाँच सौ बिलियन डॉलर से भी अधिक का सोना था। यह अपार संपत्ति पश्चिमी अफ्रीका की समृद्ध गोल्ड माइंस से आती थी, जहाँ सोना इतनी मात्रा में था कि सड़कों पर गोल्ड डस्ट तक बिकता था। सन् 1324 में मनसा मूसा ने हज की यात्रा की, जिसमें उनके साथ करीब 60 हजार लोग और हजारों ऊँट थे, जो सोना लादे हुए थे। यात्रा के दौरान उन्होंने काहिरा में इतनी बड़ी मात्रा में सोना दान कर दिया कि मिस्र की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ा और कीमतें वर्षों तक अस्थिर रहीं।

पूरा खजाना आज भी सहारा रेगिस्तान में ?

मनसा मूसा केवल धनवान ही नहीं, बल्कि ज्ञान के संरक्षक भी थे। उन्होंने टिंबक्टू में विश्वविद्यालयों, मस्जिदों और पुस्तकालयों की स्थापना करवाई। चिकित्सा, गणित, खगोल विज्ञान और दर्शन पर लाखों पांडुलिपियाँ लिखवाई गईं, जिससे टिंबक्टू को “अफ्रीका का हार्वर्ड” कहा जाने लगा। हालांकि, मनसा मूसा की मृत्यु के बाद युद्ध, भ्रष्टाचार और यूरोपीय दास व्यापार ने माली साम्राज्य को कमजोर कर दिया। इतिहासकारों का मानना है कि उनका पूरा खजाना कभी सामने नहीं आया और आज भी सहारा रेगिस्तान या टिंबक्टू के आसपास कहीं छिपा हो सकता है। यदि वह खजाना मिल जाए, तो खोजने वाला व्यक्ति एक ही रात में दुनिया का सबसे अमीर इंसान बन सकता है।