फ्राइडे संवाद. मक्का
सऊदी अरब ने उमरा इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 21 फरवरी 2026 को रमजान के चौथे दिन 9 लाख 4 हजार मुअतमिर ने एक ही दिन में उमरा अदा किया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। हरमैन प्रशासन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि की है।
इससे पूर्व यह रिकॉर्ड 7 मार्च 2025 को 5 लाख मुअतमिर के साथ दर्ज किया गया था। इस बार उस आंकड़े को लगभग दोगुना पार कर लिया गया, जो मस्जिद-अल-हरम की विशाल क्षमता और सऊदी प्रशासन की कुशल व्यवस्था का प्रमाण है।
रमजान माह में जायरीनों की संख्या में भारी वृद्धि को देखते हुए सऊदी अधिकारियों ने कड़े सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपाय लागू किए हैं। मताफ क्षेत्र (काबा के चारों ओर का संगमरमरी खुला क्षेत्र) को पूरे दिन केवल उमरा अदा करने वालों के लिए आरक्षित रखा गया है।

मस्जिद के दरवाजों पर दिशा-निर्देश संकेतक लगाए गए हैं और रास्तों, सड़कों तथा आंगनों में भीड़ जमा करने पर प्रतिबंध है। केंद्रीय क्षेत्र में पैदल मार्ग निर्धारित किए गए हैं और नमाज के समय वाहनों का प्रवेश वर्जित है। अनधिकृत मोटरसाइकिल और साइकिल भी प्रतिबंधित हैं।
जायरीन को किंग अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और 14 निर्धारित पार्किंग स्थलों से सार्वजनिक बसों के माध्यम से लाया जा रहा है। अत्यधिक भीड़ के दौरान जो श्रद्धालु मस्जिद तक नहीं पहुंच पाते, उन्हें नजदीकी मस्जिदों और सुसज्जित नमाज हॉल में भेजा जा रहा है। रमजान के अंतिम दस दिनों में जुमा, मगरिब, इशा, तरावीह और तहज्जुद की नमाज के दौरान भीड़ और अधिक बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।

उमरा ज़ायरीन के लिए 16 ज़बानों में रहनुमा जारी, हिंदी में भी दस्तयाब

सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्रालय ने उमरा ज़ायरीन की सहूलियत के लिए एक वसीअ बहुभाषी रहनुमा जारी किया है। यह गाइड 16 अंतरराष्ट्रीय ज़बानों में दस्तयाब है, जिससे दुनिया भर के अकीदतमंद अपनी मातृभाषा में आधिकारिक मालूमात हासिल कर सकेंगे। इस रहनुमा में उमरा सफर की इब्तिदा से लेकर वापसी तक की मुकम्मल जानकारी दी गई है। इसमें सफर से पहले की तैयारी, अरकान व मनासिक की अदायगी का तरीका और वापसी की कार्रवाई को आसान और सादा लफ़्ज़ों में समझाया गया है। मंत्रालय का मकसद ज़बानी रुकावटों को खत्म कर ज़ायरीन में शऊर बढ़ाना और उन्हें इत्मीनान व सुकून के साथ इबादत अदा करने में मदद देना है। यह क़दम आलमी सतह पर लाखों उमरा ज़ायरीन के तजुर्बे को बेहतर बनाने की अहम पहल माना जा रहा है।