रमजान 2026 18 फरवरी से शुरू हुआ है जिससे पूरे देश के खाद्य बाजारों में अलग ही चहल-पहल देखी जा रही है। इफ्तार के समय भारत के प्रमुख शहरों में परंपरागत व्यंजनों की सुगंध से हवा महक रही है। हैदराबाद के चारमीनार के आसपास का इलाका और कोलकाता की जकारिया स्ट्रीट भारत की सबसे प्रसिद्ध रमजान खाद्य सड़कें मानी जाती हैं
मुंबई का मोहम्मद अली रोड भी इफ्तार के मौसम में सजता है। यहाँ सीख कबाब धीमी आँच पर तैयार होते हैं, जबकि मालपुआ और फिरनी घी में तलते हैं। हजारों रोजेदार मीनार मस्जिद के पास अपना रोजा खोलते हैं।
दिल्ली की पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद के आसपास की गलियों का अपना महत्त्व है। यहाँ मतिया महल की गली इफ्तार के दौरान स्ट्रीट फूड के लिए प्रसिद्ध है। शाही तुकड़े, नली निहारी और विविध व्यंजन इस्लामिक परंपराओं को जीवंत रखते हैं।
लखनऊ की चौक में इफ्तार कम शोरगुल परंतु अधिक मार्जिता के साथ मनाई जाती है, जहाँ गिलाफी कबाब और नाहारी जैसे व्यंजन मिलते हैं। अहमदाबाद के टीन दरवाजे क्षेत्र में मुगलई व्यंजन और इफ्तार विशेष खाद्य पदार्थ मिलते हैं।
कोलकाता के बड़ा बाजार में सूखे मेवे और परंपरागत व्यंजन विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। ये सभी बाजार केवल व्यावसायिक नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भावना के केंद्र हैं, जहाँ परिवार, दोस्त और अजनबी एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं।
रमजान की यह परंपरा भारत की साँझी संस्कृति का प्रतीक है, जहाँ धर्म-निरपेक्षता और खान-पान की संस्कृति एक-दूसरे से जुड़ी है।
