दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रमजान का महीना इबादत, रहमत और बरकत का खास समय होता है। खासकर वे लोग जो इस पाक महीने में उमराह अदा करने और मदीना स्थित मस्जिद-ए-नबवी की जियारत के लिए सऊदी अरब जाते हैं, उनके लिए यह समय और भी अहम बन जाता है। इस्लाम में रमजान के दौरान उमराह करने को हज के बराबर सवाब माना गया है, जिससे इसकी दीनी महत्ता और बढ़ जाती है। रमजान 2026 की तैयारियों के तहत सऊदी अरब के धार्मिक विद्वानों ने मस्जिद अल हरम और मस्जिद-ए-नबवी में तरावीह और तहज्जुद की नमाज अदा कराने वाले इमामों के नामों की घोषणा कर दी है। तरावीह नमाज हर रोज इशा की नमाज के बाद पढ़ी जाती है, जबकि तहज्जुद रमजान के आखिरी दस दिनों में फज्र से पहले अदा की जाती है।

दस रातों की तहज्जुद नमाज में शेख अल-सुदैस भी इमामत करेंगे

यह शेड्यूल ग्रैंड मस्जिद और मस्जिद-ए- नबवी के धार्मिक मामलों के प्रमुख शेख अब्दुलरहमान बिन अब्दुलअजीज अल-सुदैस की मंजूरी के बाद जारी किया गया। जानकारी के अनुसार, मस्जिद अल हरम में आखिरी दस रातों की तहज्जुद नमाज में शेख अल-सुदैस भी इमामत करेंगे। उमराह पर जाने की योजना बना रहे जायरीन के लिए यह शेड्यूल काफी मददगार साबित होगा, जिससे वे अपनी इबादत की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। रमजान में हरमैन शरीफैन में इबादत का यह मौका लाखों मुसलमानों के लिए आध्यात्मिक अनुभव बन जाता है।