एफआर न्यूज. फतेहपुर शेखावाटी। सर्दियों का मौसम आते ही कान, नाक और गले (ईएनटी) से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। ठंड और प्रदूषण के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं, जिससे ईएनटी मेडिकल कैम्प की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।
सर्दी में बढ़ती हैं ईएनटी समस्याएं
नोबल हॉस्पिटल, फतेहपुर शेखावाटी के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. इम्तियाज अली के अनुसार, सर्दियों में तापमान गिरने से वायु शुष्क हो जाती है, जिससे नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली सूख जाती है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साइनस, टॉन्सिलाइटिस, गले में खराश, कान में दर्द और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं इस मौसम में आम हो जाती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में ये समस्याएं और भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
प्रदूषण का असर
डॉ. अली बताते हैं कि सर्दियों में वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। धुंध और धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत, एलर्जी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। प्रदूषित हवा नाक और गले की परत को नुकसान पहुंचाती है, जिससे संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।
गरीब तबके के लिए राहत
बहुत से लोग, खासकर गरीब और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले, महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। ईएनटी मेडिकल कैम्प उनके लिए मुफ्त या कम कीमत में जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। इन कैम्पों में विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच करते हैं और जरूरी दवाइयां भी मुहैया कराई जाती हैं।
जागरूकता का माध्यम
डॉ. इम्तियाज अली कहते हैं कि ईएनटी कैम्प सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं। कैम्प में लोगों को बताया जाता है कि सर्दियों में कान, नाक और गले की देखभाल कैसे करें, किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
