नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 को लागू करने का बड़ा ऐलान किया है। यह कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और करीब 60 साल पुराने इनकम टैक्स कानून की जगह लेगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को आसान, पारदर्शी और टैक्सपेयर्स के लिए अधिक फ्रेंडली बनाना है। नए कानून के तहत नियमों और टैक्स फॉर्म्स को सरल बनाया गया है, ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के रिटर्न फाइल कर सकें। साथ ही, टैक्स से जुड़े विवादों को कम करने और कानूनी प्रक्रियाओं को स्पष्ट करने पर जोर दिया गया है। सेक्शनों की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है और कई जटिल प्रावधान हटाए गए हैं। सरकार ने टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। इससे देर से रिटर्न भरने वालों को अतिरिक्त समय मिलेगा।हालांकि, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए टैक्स रिजीम के तहत 0 से 4 लाख रुपये तक आय पर कोई टैक्स नहीं, 4 से 8 लाख पर 5%, 8 से 12 लाख पर 10%, 12 से 16 लाख पर 15% और 16 से 20 लाख रुपये तक 20% टैक्स लागू रहेगा।
इसके अलावा ‘Assessment Year’ और ‘Previous Year’ की जगह अब सिर्फ ‘Tax Year’ की अवधारणा लागू की जाएगी, जिससे प्रक्रिया और आसान होगी। सरकार को उम्मीद है कि ये बदलाव टैक्स व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाएंगे।
