एफआर न्यूज | दुनिया के सबसे युवा स्वनिर्मित अरबपतियों का खिताब अब भारतीय-अमेरिकी मूल के तीन दोस्तों ने अपने नाम कर लिया है। 22 वर्षीय ब्रेंडन फूडी, आदर्श हिरेमठ और सूर्या मिधा — तीनों स्कूल के पुराने मित्र हैं, जिन्होंने मिलकर
नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित भर्ती स्टार्टअप की स्थापना की। Mercor ने हाल ही में 350 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 10 बिलियन डॉलर (लगभग ₹83,000 करोड़) पहुंच गया। इस निवेश के बाद इसके तीनों सह-संस्थापक — सीईओ ब्रेंडन फूडी, सीटीओ आदर्श हिरेमठ और चेयरमैन सूर्या मिधा — दुनिया के सबसे युवा स्वनिर्मित अरबपति बन गए। इस तरह उन्होंने 2008 में 23 साल की उम्र में सूची में शामिल हुए मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
भारतीय-अमेरिकी संबंध और शुरुआत की कहानी
आदर्श हिरेमठ और सूर्या मिधा, दोनों भारतीय मूल के हैं और अमेरिका के सैन जोस स्थित बेलारमाइन कॉलेज प्रिपरेटरी में पढ़े। वहीं से उनकी दोस्ती और सोच की शुरुआत हुई। दोनों ने एक साथ डिबेट टीम में हिस्सा लिया और इतिहास रचते हुए एक ही वर्ष में तीन राष्ट्रीय नीति बहस प्रतियोगिताएं जीतीं।
सूर्या मिधा के माता-पिता मूल रूप से नई दिल्ली से हैं। मिधा ने अपने ब्लॉग में लिखा — “मेरे माता-पिता भारत से अमेरिका आए, और मेरा जन्म माउंटेन व्यू में हुआ।” दूसरी ओर, आदर्श हिरेमठ ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन Mercor पर पूरा ध्यान देने के लिए बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। उनका कहना है, “अगर मैं Mercor पर काम नहीं कर रहा होता, तो शायद आज ही मेरी ग्रेजुएशन होती।”
पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह से स्टार्टअप पर ध्यान केंद्रित
ब्रेंडन फूडी और सूर्या मिधा दोनों जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे। यहीं से उन्होंने Mercor की नींव रखी और बाद में पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह से स्टार्टअप पर ध्यान केंद्रित किया। तीनों को थील फैलोशिप भी प्राप्त हुई — यह प्रतिष्ठित फेलोशिप उन युवा उद्यमियों को दी जाती है जो कॉलेज छोड़कर नवाचार के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। आज Mercor का लक्ष्य है — एआई के ज़रिए भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज़ बनाना। तीनों युवा संस्थापकों की यह सफलता न केवल तकनीकी दुनिया के लिए प्रेरणा है, बल्कि भारतीय मूल के युवाओं के लिए गर्व का क्षण भी है।
