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ऑस्ट्रेलिया: 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर लगाया सोशल मीडिया बैन, दुनिया का पहला देश

By Friday Sanwad
November 11, 2025 2 Min Read
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सिडनी। ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने पर पूर्ण रोक लगा दी है। इस तरह का सख्त कदम उठाने वाला यह दुनिया का पहला देश बन गया है। नवंबर 2024 में पारित ‘ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल’ के तहत यह बैन 10 दिसंबर 2025 से लागू होगा। इस कानून का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट और साइबर खतरों से बचाना है।

कैसे काम करेगा बैन: ऑस्ट्रेलिया की कम्युनिकेशंस मिनिस्टर अनिका वेल्स ने स्पष्ट किया कि यह पूर्ण बैन नहीं, बल्कि 16 साल तक सोशल मीडिया के इस्तेमाल में देरी है। ‘एज-रिस्ट्रिक्टेड’ प्लेटफॉर्म्स पर 16 साल से कम उम्र के बच्चे अकाउंट नहीं बना सकेंगे। सोशल मीडिया कंपनियों को उम्र चेक करने के लिए उचित कदम उठाने होंगे। कानून का उल्लंघन करने पर केवल प्लेटफॉर्म्स को दंड मिलेगा, बच्चों या उनके माता-पिता को नहीं।

किन प्लेटफॉर्म्स पर लगेगा बैन: यह प्रतिबंध उन प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा जहां सोशल इंटरैक्शन मुख्य है। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), यूट्यूब, थ्रेड्स, रेडिट और किक शामिल हैं। रेडिट और किक को हाल ही में सूची में जोड़ा गया है। यूट्यूब और रेडिट पर बच्चे वीडियो देख तो सकेंगे, लेकिन अकाउंट बनाकर कमेंट या पोस्ट नहीं कर सकेंगे।

छूट प्राप्त प्लेटफॉर्म्स: डिस्कॉर्ड, ट्विच, मेसेंजर, व्हाट्सएप, गिटहब, गूगल क्लासरूम, लेगो प्ले, रोब्लॉक्स, स्टीम और यूट्यूब किड्स जैसे प्लेटफॉर्म्स को इस बैन से बाहर रखा गया है। ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने बताया कि ये प्लेटफॉर्म्स सोशल इंटरैक्शन पर केंद्रित नहीं हैं, इसलिए इन्हें छूट दी गई है। हालांकि, यह सूची अभी अंतिम नहीं है और इसमें बदलाव हो सकते हैं।

प्लेटफॉर्म्स की होगी जिम्मेदारी: बैन लागू करने की पूरी जिम्मेदारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होगी। उन्हें 10 दिसंबर से पहले सभी यूजर्स को सूचित करना होगा। मौजूदा अकाउंट्स को डिएक्टिवेट या डिलीट करना होगा। प्लेटफॉर्म्स को ‘एज-रिलेटेड सिग्नल्स’ चेक करने होंगे, जैसे अकाउंट की पुरानी अवधि, बच्चों के कंटेंट पर इंटरैक्शन या प्रोफाइल फोटो से उम्र का अनुमान।

भारी जुर्माने का प्रावधान: अगर सोशल मीडिया कंपनियां इस कानून का पालन नहीं करतीं, तो उन पर 49.5 मिलियन डॉलर (लगभग 400 करोड़ रुपए) तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। यह सख्त कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर ऑस्ट्रेलिया सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।

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