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राजस्थान

साइबर ठगों का नया हथकंडा: सिम बंद होने का डर दिखाकर लूट रहे लोगों को

By Friday Sanwad
November 18, 2025 2 Min Read
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राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, ट्राई अधिकारी बनकर मांग रहे केवाईसी डिटेल

जयपुर। साइबर अपराधियों ने आम लोगों को ठगने के लिए एक नया तरीका अपना लिया है। वे खुद को ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का अधिकारी बताकर सिम कार्ड बंद होने की धमकी देकर लोगों से उनकी निजी जानकारी हासिल कर रहे हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। साइबर ठग अनजान नंबरों से कॉल या मैसेज भेजकर दावा करते हैं कि पीड़ित का मोबाइल नंबर अवैध गतिविधियों में शामिल है या उनकी सिम की केवाईसी समाप्त हो चुकी है। वे धमकी देते हैं कि नियमों का पालन न करने पर 24 घंटे के भीतर सिम कार्ड बंद कर दिया जाएगा। घबराहट में लोग अपना नाम, पता, आधार, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और ओटीपी साझा कर देते हैं, जिसके बाद उनके खाते खाली कर दिए जाते हैं।

पीड़ितों के अनुभव

बेदला निवासी रविंद्रसिंह बताते हैं, “मेरे पिता के नंबर पर मैसेज आया कि केवाईसी अपडेट न करने पर सिम बंद हो जाएगी। उन्होंने कॉल किया तो ठगों ने स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाने की कोशिश की। संयोग से मैं घर पर था और समय रहते रोक लिया।” एक अन्य पीड़ित सुनील टेलर कहते हैं, “मैंने कॉल करने वाले को आधार और पैन की जानकारी दे दी। आधे घंटे बाद ही खाते से पैसे निकलने का मैसेज आया।”

ये रखें सावधानियां

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि ट्राई के पास सिम बंद करने का अधिकार नहीं है, यह अधिकार केवल टेलीकॉम कंपनियों के पास है। किसी भी केवाईसी संबंधी मैसेज मिलने पर सीधे कंपनी के आधिकारिक स्टोर से संपर्क करें। अपना ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण किसी अनजान व्यक्ति को कभी न दें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी ऐप डाउनलोड न करें। संदिग्ध कॉल या मैसेज को संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in/sfc/) पर तुरंत रिपोर्ट करें। यदि आप ठगी का शिकार हो गए हैं तो cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करें।

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