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दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

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हार्वर्ड ग्रेजुएट ने बताया, ‘अमेरिका में ज्यादा पैसा है, फिर भी भारत में रहना क्यों पसंद?

By Friday Sanwad
January 2, 2026 2 Min Read
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फ्राइडे संवाद
हार्वर्ड से पढ़ी-लिखी एक भारतीय महिला ने अमेरिका की तुलना में भारत में रहने को अपनी प्राथमिकता बताया है। रेज़रपे में एसोसिएट डायरेक्टर (डिज़ाइन) चार्मी कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक पोस्ट में बताया कि उन्हें अक्सर “इंडिया बनाम यूएस” का सवाल पूछा जाता है। भारत और अमेरिका—दोनों में रहने के अनुभव के आधार पर उन्होंने भारत को चुनने के पीछे की वजहें विस्तार से बताईं।
चार्मी कपूर के अनुसार, अमेरिका में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, ज्यादा पैसा और अधिक व्यक्तिगत स्वतंत्रता जरूर है, लेकिन भारत में परिवार, समुदाय और अपनापन है। उन्होंने कहा कि भारत में रहने से उन्हें बिना किसी खास प्रयास के कृतज्ञता (ग्रैटिट्यूड) का एहसास होता है। घर से बाहर निकलते ही ऑटो ड्राइवर, सिक्योरिटी गार्ड, सफाईकर्मी और स्ट्रीट वेंडर जैसे लोग दिखते हैं, जो सीमित संसाधनों में जीवन जी रहे होते हैं। यह दृश्य उन्हें अपने जीवन के लिए आभार महसूस कराता है।
उन्होंने लिखा कि अमेरिका में अधिकांश लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी होती हैं, फिर भी वहां अक्सर “और ज्यादा” पाने की चाह बनी रहती है। इसके विपरीत, भारत में वह कम शिकायत करती हैं क्योंकि यहां उन्हें जो मिला है, उसी में संतोष और कृतज्ञता अधिक है।
चार्मी कपूर ने भारत को चुनने की दूसरी बड़ी वजह यहां की सामूहिक संस्कृति को बताया। उनके अनुसार, भारत में पड़ोसी, परिचित और यहां तक कि अनजान लोग भी जरूरत पड़ने पर मदद के लिए आगे आ जाते हैं। जबकि अमेरिका में सिस्टम मजबूत और व्यवस्थित हैं, लेकिन वह व्यवस्था लोगों के बीच दूरी भी पैदा करती है।
तीसरी वजह के तौर पर उन्होंने कहा कि भारत में समस्याएं बहुत हैं, लेकिन इसी कारण यहां किया गया योगदान मायने रखता है। शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सिस्टम में मौजूद कमियों के चलते छोटे प्रयास भी बड़ा असर डाल सकते हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने के अपने अनुभव का उदाहरण दिया।
अंत में, चार्मी कपूर ने कहा कि भारत में रहना व्यक्ति को संघर्षशील और लचीला बनाता है। यहां जीवन आसान नहीं है, लेकिन यही चुनौतियां लोगों को हालात के अनुसार ढलना और समाधान खोजना सिखाती हैं। उनके अनुसार, यही वजह है कि ज्यादा पैसे और सुविधाओं के बावजूद वह भारत में रहना पसंद करती हैं।

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