फ्राइडे संवाद | जयपुर

जयपुर की चारदीवारी क्षेत्र में सर्दी के मौसम के दौरान बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। खुले में कचरा, गंदगी और साफ-सफाई की कमी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। घाटगेट बाजार स्थित फैमिली क्लिनिक के चिकित्सक डॉ. मोहम्मद आमिर के अनुसार, लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी भी बीमारियों के बढ़ने का एक बड़ा कारण है। डॉ. आमिर बताते हैं कि कोरोना महामारी के बाद इस सर्दी में सबसे अधिक सांस से संबंधित मरीज देखने को मिले हैं। बच्चों के साथ-साथ अब एडल्ट वर्ग में भी एलर्जिक अस्थमा के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम में अचानक बदलाव, ठंडी हवाएं और प्रदूषण इसकी प्रमुख वजह हैं। खासतौर पर सुबह और देर रात के समय सांस के मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है।

खुले में कचरा न डालें, ताकि कीटाणुओं और संक्रमण से बचा जा सके

इसके अलावा इस सर्दी में ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। ठंड के कारण रक्त धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे बीपी बढ़ने का खतरा रहता है। बुजुर्गों और पहले से बीपी की समस्या से जूझ रहे लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ. आमिर ने लोगों को बचाव के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखें और खुले में कचरा न डालें, ताकि कीटाणुओं और संक्रमण से बचा जा सके। सर्दी के मौसम में ठंडे खानपान से परहेज करें, खासतौर पर बच्चों को ठंडी चीजें देने से बचें। इसके बजाय गर्म और ताजा भोजन का सेवन करें।

सुबह-शाम ठंडी हवा से बचाव करें

उन्होंने यह भी सलाह दी कि सर्दी में गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जरूर करें और सुबह-शाम ठंडी हवा से बचाव करें। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह और प्रिकॉशन के बाद ही दवाइयां लें, स्वयं इलाज करने से बचें। डॉ. मोहम्मद आमिर के अनुसार, अगर समय रहते सावधानी और जागरूकता अपनाई जाए तो सर्दी के मौसम में होने वाली कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

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