महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बुधवार, 7 जनवरी को नगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व औरंगाबाद सांसद एवं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमान (एआईएमआईएम) के नेता इम्तियाज जलील पर एक गुस्साए हुए समूह ने हमला किया। घटना बाईजीपुरा जिन्सी क्षेत्र में हुई। जलील अपने वाहन में थे, तभी काले झंडे लिए कुछ लोगों ने उनके वाहन पर अंडे फेंके और उसे रोकने का प्रयास किया। हमलावरों और जलील के साथ आए पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी टकराव हुआ। स्थानीय पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इम्तियाज जलील और उनके पार्टी नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी कलीम कुरैशी पर इस हमले के पीछे होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्होंने पहले से ही इस हमले की आशंका जताई थी और पुलिस को सूचना भी दी थी, लेकिन सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके अलावा जलील ने भाजपा मंत्रियों अतुल साव और संजय शिरसात पर भी इस हमले में शामिल होने का आरोप लगाया। वहीं, कलीम कुरैशी ने एआईएमआईएम के आरोपों को खारिज करते हुए जलील पर हमला खुद करने और राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। संजय शिरसात ने भी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि यह साबित हो गया कि वे हमले में शामिल थे तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
इस घटना ने छत्रपति संभाजीनगर में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के बीच सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती सामने आई है। पुलिस और प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की घोषणा की है ताकि चुनावी हिंसा को रोका जा सके।