“इस्लाम मोमिनों को एक जिस्म की तरह जोड़ता है, जहाँ एक की तकलीफ़ सबकी तकलीफ़ बन जाती है।” इस लेख की शुरुआत इस हदीस से करने की वजह आपको अंत तक पढ़ने पर समझ में आ जाएगी। पिछले गुरुवार को जयपुर में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में 27 वर्षीय फैजान की महज तीन सेकंड में मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। वैसे तो हर शहर में रोज़ हादसे होते हैं, लेकिन कुछ घटनाएं दिल और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ जाती हैं—यह हादसा भी उन्हीं में से एक था। जयंती मार्केट चौराहे पर हादसे का शिकार हुआ फैजान फूड डिलीवरी का काम करता था। शनिवार दोपहर वह डिलीवरी के लिए निकला था। दोपहर करीब 12:29 बजे बेकाबू किराए की थार ने उसे चपेट में ले लिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। थार ने न सिर्फ फैजान की जान ली, बल्कि परिवार का इकलौता सहारा भी छीन लिया।

परिवार में इकलौता कमाने वाला था फैजान

फैजान अपने माता-पिता और चार बहनों की जिम्मेदारी निभाने के लिए फूड डिलीवरी का काम करता था। प्रत्यक्षदर्शी नंदलाल शर्मा, हनुमानलाल जांगिड़ और राम चौधरी के अनुसार, तेज़ रफ्तार थार ने पहले पैदल जा रही 19 वर्षीय छात्रा कुलसुम को टक्कर मारी, इसके बाद बाइक सवार फैजान को कुचल दिया। हादसे के बाद फैजान थार के नीचे फंस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

वालिदा बोलीं—“अब किसके भरोसे जिऊंगी”

बेटे फैजान की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां खैरूनिशा बदहवास हो गईं। वह बार-बार यही कहती रहीं— “अब मैं किसके भरोसे जिऊंगी… वो मुझे छोड़ गया। पांच बेटियों के बाद फैजान हुआ था। कितनी मुश्किलों से पाला था। उस थार वाले ने मेरे बेटे को मार डाला।” पिता अब्दुल कादिर (62) ने बताया कि एक साल पहले बेटी रुबीना की भी मौत हो चुकी है। अब घर चलाने वाला इकलौता बेटा भी चला गया। परिवार मूल रूप से सीकर जिले के खंडेला का रहने वाला है और पिछले 30 वर्षों से भट्टा बस्ती में किराए के मकान में रह रहा है।

एफआर न्यूज़ की ओर से मानवीय पहल

बेबस परिवार की हालत को देखते हुए एफआर न्यूज़ राजस्थान की ओर से आर्थिक सहायता पहुंचाने की पहल शुरू की गई है। इस मुहिम का नेतृत्व रिपोर्टर अकील अहमद कर रहे हैं। फतेहपुर-शेखावाटी के कुछ नेकदिल लोगों के साथ-साथ सत्यमेव जयते टीम, छोटा गोड़िया ने भी सहयोग राशि भेंट कर इस मुहिम से जुड़ने का ऐलान किया है। इसके अलावा तारीख-ए-जहांगीरी रूहानी सेंटर इंडिया के निर्देशक मोहम्मद सलीम अशरफी ने भी मरहूम फैजान के परिवार के दर्द को अपना दर्द समझते हुए आर्थिक सहायता देने की बात कही है। यह सहायता मुहिम 31 जनवरी रात 8 बजे तक जारी रहेगी। जो लोग इस मुहिम से जुड़ना चाहते हैं, वे +91 82875 28180 (अकील अहमद) पर संपर्क कर सकते हैं। सम्मानजनक राशि एकत्र होने के बाद जल्द ही परिवार तक मदद पहुंचाई जाएगी, जिसकी जानकारी एफआर न्यूज़ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाएगी।
गौरतलब है कि एफआर न्यूज़ राजस्थान ग्रुप पहले भी जरूरतमंद परिवारों, मरीजों के इलाज, राशन वितरण और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार योगदान देता रहा है।

सीख

इस लेख की शुरुआत जिस हदीस से की गई थी, आज उसी के मायने समझने की जरूरत है। जब किसी एक मोमिन पर दुख आता है, तो पूरे समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वह उसके साथ खड़ा हो। ऐसे मुश्किल वक्त में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आना ही इंसानियत और इस्लामी भाईचारे की सच्ची मिसाल है।