फ्राइडे संवाद. जयपुर
राजस्थान के बंदूकिया लुहार समाज में शिक्षा को लेकर नई उम्मीद जगी है। युवा समाज सेवी आबिद अली, जो युवा बंदूकिया कारीगर समाज समिति के अध्यक्ष हैं, लंबे समय से समाज के शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। फ्राइडे संवाद में उन्होंने समाज की स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। आबिद अली ने बताया कि बंदूकिया लुहार समाज ऐतिहासिक रूप से मेहनती और हुनरमंद रहा है। पहले यह समाज राजा-महाराजाओं के लिए बंदूकें बनाता था, जबकि आज अधिकतर लोग चांदी के फैंसी आइटम, कड़े, पायल और अन्य आभूषणों के काम से जुड़े हैं। हालांकि, हुनर के बावजूद समाज शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है, जिसे लेकर वे बेहद चिंतित हैं।

एक स्कूल की स्थापना

इसी चिंता से प्रेरित होकर आबिद अली ने समाज के सहयोग से फंड इकट्ठा करने की मुहिम शुरू की। उन्होंने बताया कि समाज में आपसी सहयोग के जरिए अब तक करीब 21 लाख रुपये का फंड जमा किया जा चुका है। यह राशि जयपुर, सीकर, अजमेर, कुचामन, किशनगढ़ और मध्य प्रदेश सहित कई इलाकों से आई है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य समाज के बच्चों, खासकर जरूरत बच्चों और बच्चियों के लिए ‘एक स्कूल की स्थापना’ करना है। इसके लिए उद्योग नगर, जयपुर में एक प्लॉट भी चिन्हित किया गया है, जिसकी कुल कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है। इस पर 21 लाख रुपये की टोकन मनी दी जा चुकी है।
आबिद अली ने साफ कहा कि अगर कोई और व्यक्ति इस जिम्मेदारी को संभालना चाहता है, तो वे उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने को तैयार हैं। उन्होंने समाज के सभी युवाओं और बुजुर्गों से अपील की कि वे शिक्षा के इस मिशन में आगे आएं, ताकि बंदूकिया लुहार समाज भी देश की तरक्की में बराबरी से योगदान दे सके।

Categorized in: