नई गाइडलाइन: अब चार कक्षाओं में मिलेगा फ्री एडमिशन
फ्राइडे संवाद. जयपुर | राजस्थान के प्राइवेट स्कूलों में इस बार राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। पहली बार नर्सरी से लेकर पहली क्लास तक यानी कुल चार कक्षाओं — नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और क्लास फर्स्ट — में आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है।
20 फरवरी से शुरू होंगे आवेदन, 6 मार्च को लॉटरी
शिक्षा विभाग के अनुसार, आरटीई एडमिशन के लिए 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। लॉटरी 6 मार्च को निकाली जाएगी। प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय की सहायक निदेशक एवं आरटीई एडमिशन प्रभारी चंद्र किरण पंवार ने बताया कि नर्सरी में 3 से 4 साल और फर्स्ट क्लास में 6 से 7 साल तक के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।
क्या है उम्र की पात्रता
आरटीई एडमिशन के लिए उम्र की पात्रता इस प्रकार निर्धारित की गई है — नर्सरी में 3 से 4 वर्ष, एलकेजी में 4 से 5 वर्ष, यूकेजी में 5 से 6 वर्ष और क्लास फर्स्ट में 6 से 7 वर्ष तक के बच्चे आवेदन कर सकेंगे।
सीट का फार्मूला
सभी प्राइवेट स्कूलों में पिछले 3 सालों के एडमिशन के आंकड़ों के आधार पर औसत सीटें तय होंगी और उस औसत की 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। यदि किसी कक्षा में कुछ सीटें पहले से प्रमोट हुए छात्रों से भर जाती हैं तो शेष बची सीटों पर ही आरटीई के तहत एडमिशन होगा।
पहले केवल दो कक्षाओं में होता था एडमिशन
इससे पहले आरटीई के अंतर्गत केवल नर्सरी और पहली क्लास में ही आवेदन किया जा सकता था। माता-पिता को दोनों में से किसी एक कक्षा का चुनाव करना होता था। अब शिक्षा विभाग ने एलकेजी और यूकेजी को भी इसमें शामिल करते हुए चार कक्षाओं में एडमिशन का रास्ता खोल दिया है।
बढ़ेंगी फ्री एडमिशन की सीटें
अक्सर देखा जाता था कि नर्सरी में दाखिला लेने के बाद कुछ बच्चे बीच में ही स्कूल छोड़ देते थे, जिससे एलकेजी और यूकेजी में सीटें खाली रह जाती थीं और प्राइवेट स्कूल उन पर आरटीई एडमिशन नहीं दे पाते थे। अब इन खाली सीटों पर भी फ्री एडमिशन दिया जा सकेगा, जिससे प्रदेश में निःशुल्क शिक्षा पाने वाले बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह बदलाव गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का द्वार खोलने में मील का पत्थर साबित होगा।
