गुवाहाटी। असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा पर जोरदार हमला बोला है। गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई ने कहा कि हिमंता बिस्व सरमा ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताया है, लेकिन हिमंता खुद “असम के जिन्ना” हैं और उन्हें नेताओं को “हिंदू सर्टिफिकेट” देना बंद करना चाहिए। गोगोई ने कहा कि भाजपा में जाने वाले नेता अपनी पार्टी के लिए गैरजरूरी हो जाते हैं। सर्बानंद सोनोवाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूपेन बोरा के जाने से कांग्रेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि कांग्रेस एक महासागर की तरह है।
बोरा 22 फरवरी को भाजपा की सदस्यता लेंगे
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि असली कांग्रेस और पुरानी कांग्रेस के बीच होगा। वहीं, भूपेन बोरा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गौरव गोगोई ने उन्हें अपमानित किया। बोरा ने दावा किया कि गठबंधन वार्ता में AIUDF नेता रकीबुल हुसैन को जबरदस्ती शामिल कराया गया और एक उपचुनाव में गलत उम्मीदवार उतारे जाने से गोगोई खुद चुनाव हार गए। असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने 17 फरवरी को बोरा के घर जाकर मुलाकात की और प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा की सदस्यता लेंगे। बोरा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को इस्तीफा सौंपते हुए कहा था कि उन्हें पार्टी नेतृत्व द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।
