तेल अवीव | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इज़राइल पहुंचे। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर दोनों नेताओं के बीच प्राइवेट बातचीत भी हुई, जिसके बाद प्रवासी भारतीयों ने मोदी का भव्य स्वागत किया। यह मोदी का 9 साल बाद इजराइल दौरा है। इससे पहले वे जुलाई 2017 में तेल अवीव गए थे। मोदी ने कहा कि वे 140 करोड़ भारतीयों की ओर से मित्रता, सम्मान और मजबूत साझेदारी का संदेश लेकर आए हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि भारत में यहूदी समुदाय हमेशा बिना किसी डर, भेदभाव या उत्पीड़न के रहा है। मोदी ने भारत और इजराइल के 2 हजार साल पुराने रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि बुक ऑफ एस्तेर में भारत का जिक्र और तलमुद में व्यापारिक संबंधों का उल्लेख इस गहरे नाते की गवाही देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में 4 हजार से अधिक भारतीय सैनिकों ने इस क्षेत्र में बलिदान दिया था। आतंकवाद पर मोदी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी कारण से आम नागरिकों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने यूएनएससी समर्थित गजा शांति पहल का समर्थन करते हुए कहा कि भारत बातचीत और स्थायी शांति के लिए इजराइल के साथ खड़ा है।
नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘भाई’
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संसद में कहा कि भारत और इजराइल के संबंध सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि दिल से जुड़े हैं। उन्होंने मोदी को अपना ग्रेट फ्रेंड और विश्व मंच के बड़े नेता बताते हुए कहा कि वे मोदी को दोस्त नहीं, भाई मानते हैं। नेतन्याहू ने अक्टूबर 2023 में हमास हमले के बाद भारत के समर्थन के लिए आभार जताया। दोनों देशों के बीच 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 3.9 अरब डॉलर रहा, जबकि आपसी निवेश करीब 80 करोड़ डॉलर का है।
