आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर किया गया एक छोटा सा कमेंट, लाइक या शेयर भी लोगों को कानूनी परेशानी में डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति WhatsApp, Facebook या Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर गाली देता है, धमकी देता है या किसी को बदनाम करता है, तो यह मजाक नहीं बल्कि अपराध माना जा सकता है। एडवोकेट धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धाराएं सीधे लागू हो सकती हैं। कई लोग यह सोचते हैं कि सोशल मीडिया पर लिखा गया मैसेज निजी है या मजाक में किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि हर पोस्ट, कमेंट और मैसेज डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, स्क्रीनशॉट आज के समय में सबसे बड़ा सबूत बन चुका है। अगर किसी व्यक्ति ने किसी के खिलाफ अपमानजनक, धमकी भरा या भड़काऊ संदेश लिखा है, तो उसका स्क्रीनशॉट पुलिस और कोर्ट में मजबूत सबूत के रूप में पेश किया जा सकता है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज हो सकती है और कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकती है।