परिसीमन संशोधन बिल पर सरकार की नई कोशिश, कांग्रेस ने समर्थन से किया इनकार
फ्राइडे संवाद. नई दिल्ली | सरकार ने बीते अप्रैल में भी 16 से 18 तारीख तक संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था, जिसमें परिसीमन संशोधन संविधान बिल, संविधान का 131वां संशोधन बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल पर चर्चा हुई थी। 18 अप्रैल को 131वें संशोधन बिल पर वोटिंग भी हुई, लेकिन सरकार इसे लोकसभा में पास नहीं करा पाई थी, जिसके बाद बाकी दोनों बिल पेश ही नहीं किए गए थे।
विशेष सत्र की खबरों को सरकार ने नकारा
अब परिसीमन को लेकर 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की चर्चाओं को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने खारिज कर दिया है। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर इस अवधि में कोई विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव नहीं है।
मानसून सत्र में फिर कोशिश, कांग्रेस अड़ी
सरकार अब मौजूदा मानसून सत्र में ही संविधान संशोधन बिल पास कराने की नई कोशिश कर रही है। इसके लिए रिजिजू ने राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों से मुलाकात की, लेकिन सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने समर्थन से साफ इनकार कर दिया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बताया कि रिजिजू ने परिसीमन के मुद्दे पर उनसे बात की है और पार्टी इस पर विचार कर जवाब देगी, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष का रुख पहले जैसा ही बना हुआ है। इसी बीच संसद परिसर में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला।
बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल को मंजूरी
इसी बीच लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 को मंजूरी दे दी है। यह नया कानून 1891 के ब्रिटिश शासनकाल के पुराने कानून की जगह लेगा। इस बिल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बैंकों के डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, वर्चुअल और क्लाउड में रखे गए रिकॉर्ड भी अदालत में वैध सबूत माने जाएं, जिससे बैंकिंग लेनदेन से जुड़े मामलों में सुनवाई आसान हो सकेगी।