सीएम भजनलाल बोले- जलभराव, टूटी सड़क व बिजली कटौती पर कलेक्टर की जवाबदेही
जयपुर | मानसून में जलभराव, टूटती सड़कों, खराब स्ट्रीट लाइट और बिजली सप्लाई जैसी आमजन से जुड़ी समस्याओं पर अब जिला प्रशासन की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को राज उन्नति की आठवीं बैठक में जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि ऐसी शिकायतों का संवेदनशीलता और तत्परता से निस्तारण करें। काम में लापरवाही मिलने पर इससे जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सीएम ने अधिकारियों को सिर्फ कागजों में काम पूरा दिखाने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखने और निर्माण की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रमुख मार्गों, चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी तथा खराब स्ट्रीट लाइट तत्काल दुरुस्त कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने सीएमओ में हुई बैठक में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं और योजनाओं में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
सड़क मरम्मत के लिए दिया पैसा, अब कलेक्टर बनाएं कमेटी
सीएम ने बताया कि सड़कों की मरम्मत और जरूरी कार्यों के लिए प्रत्येक नगर निगम को 10 करोड़, नगर परिषद को 3 करोड़ और नगरपालिका को 1 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। कलेक्टर समिति गठित कर आवश्यक सड़क मरम्मत के काम तत्काल शुरू करवाएं।
फाइल गायब हुई तो निलंबन, शिकायत के बाद उसी दिन पट्टा
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा हुई। करौली नगर परिषद में एक आवासीय पट्टे की फाइल गायब होने के मामले में सीएम ने जांच और दोषी कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तत्कालीन सहायक प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित किया गया। बैठक के दिन ही परिवादी को पट्टा जारी कर दिया गया।
शहरों में 4 हजार हूपर से घर-प्रतिष्ठानों से उठेगा कचरा
नगरीय निकायों में ठोस कचरा संग्रहण के लिए जीसीसी मॉडल पर 4 हजार हूपर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसकी निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। वहीं डिजिटल कृषि की एग्री स्टैक परियोजना में शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराने, इसे नामांतरण से जोड़ने और बाकी गांवों की जियो-रेफरेंसिंग जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।