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हेल्थ

प्रोटीन के नाम पर बिक रहा ‘एनालॉग पनीर’

By Friday Sanwad
August 22, 2026 2 Min Read
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जयपुर। जिम जाने वाले युवाओं, गर्भवती और बच्चों को लेकर होटल-ढाबों तक में प्रोटीन के नाम पर बिक रहा ‘एनालॉग पनीर’ चिंता का विषय बन गया है। महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में ऐसे उत्पादों की बिक्री और इस्तेमाल पर अलग-अलग स्तर पर सख्ती शुरू हो चुकी है, लेकिन राजस्थान में अब तक ऐसा कोई आदेश लागू नहीं हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार यह उत्पाद देखने और स्वाद में पनीर जैसा लगता है, लेकिन पारंपरिक दूध वाले पनीर जैसा नहीं होता। इसमें अक्सर पाम ऑयल, वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसे असली पनीर बताकर यदि नियमित रूप से खाने में इस्तेमाल किया जाए तो यह स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

मिल्क-पाउडर और खाद्य तेल मिलाकर बनाते हैं एनालॉग पनीर

केंद्र सरकार के एफएसएसएआई की ओर से देश में एनालॉग पनीर बनाने और बेचने को अनुमति दे दी गई है। मिल्क पाउडर और खाद्य तेल मिलाकर एनालॉग पनीर के रूप में बेचने पर इसे मिलावटी पनीर नहीं माना जाता है। यही वजह है कि इसका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जबकि आम उपभोक्ता को इसकी असलियत की जानकारी तक नहीं होती।

नकली-असली पनीर की कीमत में बड़ा अंतर

बाजार में असली डेयरी पनीर की कीमत 300 से 400 रुपए प्रति किलो है, जबकि मिलावटी एनालॉग पनीर 200 से 250 रुपए प्रति किलो या उससे भी कम दाम में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में बेचा जाता है। कम कीमत के चलते कई विक्रेता जानबूझकर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे ग्राहकों के साथ न सिर्फ आर्थिक धोखा हो रहा है, बल्कि उनके स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ हो रहा है।

तेल-स्टार्च से बनता है एनालॉग पनीर, दिल की
बीमारियों का खतरा

जनरल फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल की डॉ. पूनित सक्सेना और गेस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर महर्षि के अनुसार एनालॉग पनीर को सिंथेटिक पनीर भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से वनस्पति वसा और खाद्य तेलों से बनाया जाता है। पनीर के बनावट और दिखावट को असली पनीर जैसा बनाने के लिए निर्माण प्रक्रिया में स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति तेल का मिश्रण शामिल होता है। इसके नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। एनालॉग पनीर में इस्तेमाल होने वाले वनस्पति तेल और प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट से न केवल फैट, बल्कि सोडियम की मात्रा बढ़ने सेहत बिगाड़ सकती है। एनालॉग पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा भी असली पनीर के मुकाबले काफी कम होती है।

नियमित कार्रवाई कर मौके पर नष्ट करवा रहे हैं

फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल के अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि जिन राज्यों में एनालॉग पनीर पर बिक्री को लेकर पूरी तरह से सख्ती है, उनका अध्ययन कराने के साथ ही विधिक राय ली जाएगी। इसके बाद सरकार के स्तर पर जो भी निर्देश मिलेगा, उसकी पालना की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से नियमित रूप से कार्रवाई कर मिलावटी उत्पादों को मौके पर ही नष्ट करवाया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो सके।

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