28 दिन बाद नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर-लॉयन सफारी शुरू
फ्राइडे संवाद. जयपुर | जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर और लॉयन सफारी एक बार फिर शुरू कर दी गई है। बाघ के हमले में एक महिला मजदूर की मौत के बाद बंद की गई यह सफारी हमले के करीब 25 दिन बाद, यानी लगभग चार सप्ताह के अंतराल पर खोली गई है। इससे पर्यटक एक बार फिर वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अनुभव ले सकेंगे। 2 सितंबर की सुबह पार्क में बाघ ‘शिवाजी’ ने एक महिला मजदूर पर हमला कर दिया था, जिसमें महिला की जान चली गई। घटना के बाद वन विभाग ने सुरक्षा कारणों से पार्क की टाइगर और लॉयन सफारी को बंद कर दिया था। हमला करने वाले बाघ ‘शिवाजी’ को भी क्वारेंटाइन में रखा गया था। इस हादसे ने पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।
सुरक्षा समीक्षा के बाद मिली मंजूरी
क्षेत्रीय वन अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि सफारी दोबारा शुरू करने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद और डीएफओ आशीष व्यास की मंजूरी ली गई है। इससे पहले वन विभाग की टीम ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सामने आई कमियों को दूर किया। इसके बाद ही सफारी शुरू करने का फैसला लिया गया।
चार टाइगर और एक लॉयन देख सकेंगे पर्यटक
जोगेंद्र सिंह के मुताबिक बायोलॉजिकल पार्क में चार नन्हे टाइगरों को डिस्प्ले में छोड़ा गया है। इनमें एक सफेद टाइगर ‘भीम’ भी शामिल है। इन सभी की उम्र करीब डेढ़ साल है। इनके अलावा करीब दो साल का एक लॉयन भी सफारी में शामिल है। ऐसे में पर्यटक एक साथ चार टाइगर देख सकेंगे। वहीं, हमला करने वाला बाघ ‘शिवाजी’ अभी भी क्वारेंटाइन में है।
पर्यटकों की वापसी, सुरक्षा पर नजर
सफारी की बहाली के बाद नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में पहुंचे पर्यटक बाड़ों के पास बाघों को देखते नजर आए। सफारी के दोबारा खुलने से पर्यटन के लिहाज से राहत मिली है। हालांकि, बीते हादसे से उठे सवाल अपनी जगह कायम हैं। सफारी चलाने के साथ यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि पार्क में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।