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जयपुर

कचरा प्लांट के विरोध में बेनीवाल का कूच: 100 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट पहुंचे

By Friday Sanwad
October 2, 2026 2 Min Read
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सूरतगढ़-श्रीगंगानगर हाईवे पर 3 किमी लंबा जाम

फ्राइडे संवाद. श्रीगंगानगर में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के विरोध में चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने समर्थकों के साथ रात 10:30 बजे श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया। उनके काफिले में 100 से अधिक गाड़ियां हैं।

टोल नाके पर रोका गया काफिला

पुलिस ने चूनावढ़ थाना क्षेत्र में महियावाली टोल नाके के पास काफिले को रोक लिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। श्रीगंगानगर शहर की ओर जाने वाली सड़क पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं और उन्होंने सूरतगढ़-श्रीगंगानगर नेशनल हाईवे जाम कर दिया है। फिलहाल बेनीवाल से समझाइश की जा रही है।

तीन दौर की वार्ता बेनतीजा

शाम को बेनीवाल नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित प्लांट हटाने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने सरकार को आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद एडीएम सुभाष और एडिशनल एसपी दीपक कुमार सहित अधिकारी मंच पर पहुंचे, लेकिन तीन दौर की वार्ता बेनतीजा रही।

पांच महीने से जारी आंदोलन

ग्रामीणों का आंदोलन करीब पांच महीने से चल रहा है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बनने के बाद गोविंद गोधाम गोशाला, नरसिंहपुरा-बिरानी में महापंचायत हो रही थी।
पहले यह प्लांट श्रीगंगानगर के पास चक 6-जेड में प्रस्तावित था, जिसका विरोध हुआ। 2016 में जगह बदलकर शहर से करीब 7-8 किमी दूर नेतेवाला के चक 1 जी छोटी में की गई, जहां करीब 10 साल प्रक्रिया चली। सरकारी स्वीकृतियां, एनओसी और करीब 78 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत होने के साथ निर्माण का ठेका भी दिया गया था। वहां भी विरोध के बीच प्रशासन ने इस साल प्लांट को नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी में शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।

खेती पर पड़ेगा असर

ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से आसपास की गोशालाओं, कृषि भूमि और जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कचरा और प्लास्टिक उड़कर गोविंद गोधाम गोशाला तक पहुंच सकता है और दुर्गंध से धार्मिक-सामाजिक आयोजनों पर असर पड़ सकता है।

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