लद्दाख को 3,350 करोड़ की सौगात: नया टर्मिनल, 298 किमी सड़क और 40 जलाशय
लेह | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लिए लद्दाख का विकास प्राथमिकता है और सरकार का ध्यान वहां की नई पीढ़ी पर है, ताकि युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले और उन्हें दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
इन परियोजनाओं का लोकार्पण
उद्घाटन की सूची में लेह एयरपोर्ट का नया पैसेंजर टर्मिनल, 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दरचा सड़क, 9 मेगावाट का हानू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, बिजली ट्रांसमिशन लाइन, देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क और 40 गांवों में बने जलाशय शामिल हैं। इनसे हवाई और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी, साथ ही बिजली की उपलब्धता, जल संरक्षण और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
लेह एयरपोर्ट: क्षमता 35 लाख, जियोथर्मल तकनीक
मोदी ने बताया कि लेह के कुशोक बकुला रिनपोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन हुआ है। इससे एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख हो जाएगी और उड़ानों की संख्या तीन गुना तक बढ़ सकती है। उनके मुताबिक यहां की जलवायु को देखते हुए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और यह इस तकनीक वाला देश का पहला एयरपोर्ट है। उन्होंने कहा कि आधुनिक ढांचा क्षेत्र के पर्यावरण का पूरा ध्यान रखते हुए विकसित करने का प्रयास है और टर्मिनल से पर्यटन को नई गति मिलेगी।
12 घंटे का सफर अब 3 घंटे में
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने लेह के निम्मू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ने वाली 298 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई है। प्रधानमंत्री के अनुसार इस पर करीब 2,500 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। जिस सफर में लगभग 12 घंटे लगते थे, वह अब 3 घंटे में पूरा होगा। रिपोर्ट के मुताबिक इससे सेना की आवाजाही भी आसान होगी।
बिजली, पानी और विरासत
लद्दाख में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 9 मेगावाट का हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। 66 केवी की डबल-सर्किट दाह-हानू-खलत्सी ट्रांसमिशन लाइन भी शुरू हो गई है। इससे स्थानीय जल संसाधनों से बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और सप्लाई व्यवस्था मजबूत होगी।
प्रोजेक्ट अमृत हिम सरोवर के तहत 40 गांवों में 40 जलाशय बनाए गए हैं। लद्दाख में बर्फ पिघलने से कुछ समय पर्याप्त पानी मिलता है, लेकिन खेती के लिए जरूरी बुवाई के दौरान कमी हो जाती है। जलाशयों में पानी जमा होने से किसानों को सिंचाई में मदद मिलेगी और आजीविका को सहारा मिलेगा। लेह के सिंधु घाट पर देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य हजारों साल पुरानी शैलकलाओं और पत्थरों पर उकेरी गई आकृतियों को सुरक्षित रखना है। इनमें इंसानों, वन्यजीवों और प्रतीकों के चित्र हैं, जो प्राचीन मानव जीवन और इतिहास की जानकारी देते हैं। पार्क से जिम्मेदार पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पिछली सरकारों पर निशाना, आंकड़ों का दावा
मोदी ने कहा कि हमेशा से यह कहा जाता है कि लद्दाख में प्रकृति के कारण जीवन मुश्किल है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों के बावजूद पहले की सरकारों ने विकास को प्राथमिकता नहीं दी। केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद यहां और ध्यान दिया गया है। उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि पहले यहां 19 बड़े पुल थे, अब करीब 75 हैं। हेलिपैड की संख्या 40 से ज्यादा हो गई है। यहां के 99 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंच चुका है और अस्पतालों में बेड्स की संख्या दोगुनी हो चुकी है।
युवा, खेल, उद्यमी और पर्यटन
प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख में खेलों की भी बहुत संभावनाएं हैं। यहां के युवाओं ने आइस हॉकी और पर्वतारोहण में नई पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि वे विदेशी मेहमानों को लद्दाख की बनी चीजें भेंट करते हैं। पश्मीना, हैंडीक्राफ्ट और खुबानी में बहुत संभावनाएं हैं, खुबानी को GI टैग मिला है और प्रयास है कि उत्पादों को नए बाजार मिलें और लाभ सीधे उत्पादकों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान हो और स्थानीय उद्यमी देश-दुनिया से जुड़ सकें, इसके लिए लगातार काम हो रहा है। वहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहा है। विंटर और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत 40 से ज्यादा सीमावर्ती गांव विकसित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में मोदी ने जांस्कर में बर्फबारी के बावजूद तिरंगा लहराने वाले लोगों के उत्साह की तारीफ की और परियोजनाएं पूरी करने वाले श्रमिकों, इंजीनियरों और BRO के साथियों को बधाई दी।