पिता की याद में बीपी की मशीन का दान: जावेद अहमद लोहार की सराहनीय पहल
फतेहपुर शेखावाटी। जावेद अहमद लोहार ने अपने स्वर्गीय पिता मरहूम जमील लोहार की याद में ईसाले सवाब के रूप में एक बीपैप (BiPAP) मशीन दान की है। यह नेक कदम जरूरतमंद मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
बीपैप मशीन का परिचय
बीपैप का पूरा नाम बाइलेवल पॉजिटिव एयरवे प्रेशर मशीन है, जो सांस लेने में कठिनाई वाले रोगियों के लिए जीवनरक्षक उपकरण है। यह दो अलग-अलग दबाव स्तरों पर काम करती है—IPAP (सांस लेते समय अधिक दबाव) और EPAP (सांस छोड़ते समय कम दबाव)। मशीन में मोटर, कंट्रोल स्क्रीन, ट्यूबिंग और मास्क होता है जो मरीज के मुंह या नाक पर लगाया जाता है।
चिकित्सकीय उपयोग
यह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, COPD, अस्थमा, हार्ट फेल्योर और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में अत्यंत लाभदायक है। इससे ऑक्सीजन की बेहतर आपूर्ति होती है और कार्बन डाइऑक्साइड आसानी से बाहर निकलता है। यह पोर्टेबल मशीन CPAP की तुलना में अधिक लचीली और आरामदायक है। जावेद अहमद लोहार का यह दान समाज सेवा और मानवता की बेहतरीन मिसाल है, जो दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। परवरदिगार उनके इस नेक अमल को कबूल फरमाए और मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे।