एफआर न्यूज. इंटरनेशनल | भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने इतिहास रचते हुए न्यूयॉर्क शहर के पहले मुस्लिम मेयर बन गए है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद भी जीत हासिल की है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि अगर ममदानी जीतते हैं तो न्यूयॉर्क को फंड नहीं मिलेगा। 34 साल के जोहरान ममदानी को दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क के विरोध का भी सामना करना पड़ा। दरअसल एलन उनकी इमाम सिराज वहाज से मिलने पर ख़फा थे।
ब्रुकलिन की मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान जोहरान ने इमाम सिराज वहाज से मुलाकात की थी। दरअसल वहाज अमेरिका में मजबूती से इस्लाम के फंडामेंटल्स फॉलो करने की वकालत करते आए हैं। वो यह भी कहे चुके हैं कि एकजुट अमेरिकी मुसलमान अपना खुद का अमीर चुन सकते हैं, बुश या क्लिंटन को वोट देने की ज़रूरत नहीं। वही ममदानी ने आरोप लगाया कि उन्हें धार्मिक कारणों से निशाना बनाया गया। इसके अलावा एक बड़ा अरबपति ग्रुप भी उनके खिलाफ कैंपेनिंग कर रहा था। लेकिन जिसके मुकद्दर में जीत लिखी हो उसे कोई नहीं रोक सकता।
न्यूयॉर्क के मेयर बनने वाले जोहरान ममदानी कौन हैं?
जोहरान क्वामे ममदानी का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। उनके पिता महमूद ममदानी अफ्रीकी राजनीति और इतिहास के जाने-माने विद्वान हैं, जबकि उनकी मां मीरा नायर, ‘मॉनसून वेडिंग’ और ‘द नेमसेक’ जैसी प्रसिद्ध फिल्मों की निर्देशक हैं। बचपन में ममदानी का परिवार युगांडा से दक्षिण अफ्रीका और फिर न्यूयॉर्क आ गया। उन्होंने बैंक स्ट्रीट स्कूल फॉर चिल्ड्रेन और ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस से शिक्षा प्राप्त की और 2014 में बोडोइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज में स्नातक किया। खास बात ये है कि ममदानी काफी बढ़िया हिन्दी बोलते हैं और भारतीय मूल के मतदाताओं का दिल जीतने के लिए उन्होंने अपना कैम्पेन हिन्दी भाषा में भी चलाया था।
