जयपुर | राजस्थान सरकार ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर 7 फरवरी 2026 तक अस्थायी रोक लगा दी है। प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत यह निर्णय भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। यह तबादला रोक जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर), उप जिला निर्वाचन अधिकारी (अतिरिक्त जिला कलेक्टर), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (तहसीलदार/नायब तहसीलदार), लेखा अधिकारी, पटवारी और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) सहित सभी संबंधित कर्मचारियों पर लागू होगी।

विशेष परिस्थितियों में अनुमति जरूरी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अत्यावश्यक या अनिवार्य प्रशासनिक कारण से तबादला आवश्यक हो, तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के कोई भी स्थानांतरण आदेश प्रभावी नहीं माना जाएगा।
सरकार और निर्वाचन आयोग का मानना है कि बार-बार कार्मिक परिवर्तन से मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की निरंतरता और सटीकता प्रभावित होती है। अधिकारियों के तबादले से क्षेत्रवार सूचनाओं में भ्रम और त्रुटियां आने की संभावना बढ़ जाती है।

पुनरीक्षण अभियान का विवरण

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य 1 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र स्तर पर मतदाताओं की जानकारी की जांच, सत्यापन और सुधार किया जा रहा है।

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