एफआर न्यूज. झुंझुनू | बी.डी.के. अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट को लेकर उठी आवाज़ के बाद झुंझुनू में यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल पूनिया के नेतृत्व में DYFI और SFI के कार्यकर्ताओं ने आस्था अस्पताल के सामने नगर पालिका की एक गाड़ी को रोक लिया, जो बायोमेडिकल वेस्ट से भरी हुई थी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा जिले में बायोमेडिकल कचरे का सही निस्तारण नहीं किया जा रहा। इससे संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। सूचना मिलते ही नगर पालिका अधिकारी और सीएमएचओ मौके पर पहुँचे, लेकिन किसी ठोस कार्रवाई या जवाब का भरोसा नहीं दिलाया गया। विरोध के दौरान महिपाल पूनिया ने मौके पर खड़े रहकर अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि झुंझुनू जिले के खेतड़ी, मुकुंदगढ़, चेलासी सहित कई इलाकों में भी बायोमेडिकल वेस्ट खुले में फेंका जा रहा है। उन्होंने सबूत के तौर पर इन स्थानों की तस्वीरें भी दिखाईं, जिससे प्रशासनिक लापरवाही साफ़ झलकती है।
जिलेभर में बड़ा जन आंदोलन चेतावनी
इस दौरान SFI के अध्यक्ष साहिल कुरैशी, अमित शेखावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज गुर्जर और अन्य सदस्यों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिलेभर में बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। महिपाल पूनिया ने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट के खुले में पड़े रहने से Hepatitis, TB, HIV, Skin Infection और सांस की बीमारियाँ फैलने का खतरा रहता है। इस वेस्ट में सुइयाँ, संक्रमित ब्लड बैग, केमिकल पदार्थ और प्लास्टिक सामग्री शामिल होती हैं, जो पर्यावरण और जल स्रोतों को भी प्रदूषित करती हैं।
वेस्ट निस्तारण के लिए सुरक्षित जोन बनाए जाएँ
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को तुरंत इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए — वेस्ट निस्तारण के लिए सुरक्षित जोन बनाए जाएँ और अस्पतालों पर सख़्त निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी नागरिक का स्वास्थ्य जोखिम में न पड़े। फिलहाल, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं और शहर में इस मुद्दे को लेकर लोगों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है।
