नीट-पीजी 2026: 11% सीटें बढ़ीं, मेडिसिन में एक सीट के लिए 25 दावेदार
इस बार नीट-पीजी में एमडी, एमएस और डिप्लोमा की सीटें 52,173 से बढ़कर करीब 58 हजार हो गई हैं, यानी लगभग 11% का इज़ाफ़ा। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी एनेस्थीसिया में 801 सीटों की हुई है। नेत्र रोग में 346, ईएनटी में 342, पैथोलॉजी में 252, मनोचिकित्सा में 241 और श्वसन रोग में 213 सीटें बढ़ी हैं। असली मुकाबला 25 हजार कोर क्लिनिकल सीटों के लिए है, जो सीधे मरीजों के इलाज से जुड़ी हैं। रेडियो-डायग्नोसिस में एक सीट पर 35 से ज्यादा दावेदार हैं, जबकि जनरल मेडिसिन में एक सीट के लिए 25 अभ्यर्थी हैं। टॉप-3500 रैंक तक सरकारी सीट लॉक हो जाती है। दिल्ली आरएमएल में 39, अहमदाबाद में 35 और कोटा में 24 सीटें हैं। डर्मेटोलॉजी में टॉप-1500 रैंक के बाद सरकारी कॉलेज मिलना मुश्किल है।