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इस साल 11 हजार से ज्यादा भारतीय स्टार्टअप बंद हुए, जानिए क्यों

By Friday Sanwad
October 31, 2025 2 Min Read
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भारत में इस साल स्टार्टअप्स के बंद होने के मामलों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। Tracxn द्वारा Financial Express को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 11,223 स्टार्टअप्स ने अपने संचालन बंद कर दिए, जो 2024 के 8,649 बंद स्टार्टअप्स की तुलना में 30% अधिक है। इस साल बंद होने वाले प्रमुख स्टार्टअप्स में Hike, Beepkart, Astra, Ohm Mobility, Code Parrot, Blip और Subtl AI जैसे नाम शामिल हैं।

B2C ई-कॉमर्स पर सबसे बड़ा असर

सबसे ज्यादा झटका B2C ई-कॉमर्स सेक्टर को लगा है। Tracxn के अनुसार, कुल 5,776 स्टार्टअप्स इसी सेक्टर से हैं जो बंद हुए हैं। इसके बाद एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर (4,174) और SaaS यानी सॉफ्टवेयर ऐज़ ए सर्विस (2,785) का स्थान रहा यह आंकड़े बताते हैं कि ग्राहकों को हासिल करने की ऊंची लागत, सीमित फंडिंग और टिकाऊ बिजनेस मॉडल न बना पाने की वजह से कई स्टार्टअप्स बाजार में टिक नहीं पाए।

B2B कंपनियों को भी झटका

पहले यह माना जाता था कि B2B सेक्टर यानी बिजनेस-टू-बिजनेस मॉडल अपेक्षाकृत सुरक्षित है, लेकिन अब एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और SaaS कंपनियां भी टिकने में नाकाम हो रही हैं। बड़ी कंपनियों के टेक्नोलॉजी बजट में कटौती की वजह से ये स्टार्टअप्स अपने प्रोजेक्ट्स को लंबे समय तक जारी नहीं रख पा रहे।

शुरुआती चरण में ही बंद हो रहे स्टार्टअप्स

Tracxn के मुताबिक, 2025 में सात स्टार्टअप्स ऐसे रहे जो शुरुआत के एक साल के अंदर ही बंद हो गए, जबकि 2024 में यह संख्या सिर्फ एक थी।
यह दर्शाता है कि फेल्योर अब स्टार्टअप्स के शुरुआती चरण में ही होने लगे हैं, और निवेशक अब शुरुआत से ही स्पष्ट ट्रैक्शन और मार्केट फिट की उम्मीद करते हैं।

वीसी निवेश के तौर-तरीके बदल रहे हैं

Zerodha के सह-संस्थापक और CEO नितिन कामत ने बताया कि जब उन्होंने 2010 में शुरुआत की थी, तब ‘वीसी’ (वेंचर कैपिटल) शब्द काफी नया था। उन्होंने कहा कि शुरुआती दशक में निवेश का फोकस ई-कॉमर्स और फिनटेक पर था, लेकिन अब निवेशक डीप टेक जैसे जटिल सेक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं। कामत के अनुसार, अब देश में बेहतर कनेक्टिविटी, शिक्षा और उद्यमिता ढांचा तो बना है, लेकिन साथ ही संस्थापकों से अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। अब निवेशक केवल आइडिया नहीं, बल्कि उसके साथ बाजार में वास्तविक मांग और साबित परिणाम भी देखना चाहते हैं।

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