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ई-कॉमर्स पर ‘कंट्री ऑफ ओरिजिन’ फिल्टर अनिवार्य होगा

By Friday Sanwad
November 11, 2025 2 Min Read
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नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। जल्द ही सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ‘कंट्री ऑफ ओरिजिन’ का अलग फिल्टर मिलेगा, जिससे उपभोक्ता आसानी से पता लगा सकेंगे कि कोई सामान किस देश में बना है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने इसे अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव पेश किया है, जो 2026 से लागू हो सकता है। मंत्रालय ने सोमवार, 10 नवंबर को ड्राफ्ट लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) अमेंडमेंट रूल्स, 2025 जारी किया। इसके तहत हर ई-कॉमर्स कंपनी को अपनी वेबसाइट पर सर्च फिल्टर में ‘कंट्री ऑफ ओरिजिन’ का विकल्प देना होगा। यह फिल्टर सर्चेबल और सॉर्टेबल होगा, यानी ग्राहक चाहें तो सिर्फ भारतीय या विदेशी उत्पाद देख सकेंगे।

क्यों जरूरी है यह कदम ?

भारत में ई-कॉमर्स बाजार तेजी से बढ़ रहा है और 2025 तक यह 3 लाख करोड़ रुपए का हो चुका है। हालांकि, उपभोक्ताओं को अक्सर शिकायत रहती है कि उन्हें उत्पादों की मूल जानकारी नहीं मिल पाती। कई बार ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट ढूंढने में काफी मुश्किल होती है क्योंकि यह जानकारी प्रोडक्ट विवरण में छिपी रहती है। मंत्रालय का मानना है कि यह पारदर्शिता बढ़ाने और घरेलू उत्पादकों को बराबरी का मौका देने के लिए जरूरी है। अभी भी पैकेज्ड सामानों पर मूल देश का नाम लिखना अनिवार्य है, लेकिन नया नियम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इसे और सुलभ बनाएगा।

घरेलू उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

यह प्रस्ताव ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सीधे समर्थन देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से छोटे और स्थानीय ब्रांड्स की बिक्री में 20-30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ग्राहक अब एक क्लिक में भारतीय उत्पाद खोज सकेंगे, जिससे देशी सामानों की दृश्यता बढ़ेगी। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा न केवल उपभोक्ताओं का समय बचाएगी, बल्कि अधिकारियों को भी मदद करेगी। अब ऑटोमेटेड चेकिंग से नियमों के उल्लंघन और नकली दावों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।

क्या होगा असर?

अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी बदलाव करने होंगे। उन्हें अपनी वेबसाइट और ऐप पर नया फिल्टर जोड़ना होगा। हालांकि यह राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ा होने के कारण सभी हितधारकों का समर्थन मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय में यह बदलाव ई-कॉमर्स को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उपभोक्ताओं को सूचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी और देश के छोटे उद्योगों को डिजिटल बाजार में बेहतर मौके मिलेंगे।

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Friday Sanwad

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