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जयपुर

चौमूं हिंसा: प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल, मुस्लिम इलाकों में पुलिस ज्यादती के आरोप

By Friday Sanwad
January 2, 2026 2 Min Read
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फ्राइडे संवाद | जयपुर

राजस्थान के चौमूं कस्बे में पिछले गुरुवार रात कलंदरी मस्जिद के पास रेलिंग लगाने को लेकर विवाद शुक्रवार तड़के हिंसक हो गया। पुलिस और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बीच हुई झड़प में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और इलाके में इंटरनेट सेवाएं निलंबित किया गया।स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार शाम प्रशासन और समुदाय के बीच बातचीत में सड़क किनारे रखे पत्थरों को स्वयं हटाने पर सहमति बनी थी, जिसे शांतिपूर्वक पूरा भी कर लिया गया। इसके बाद सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए स्थानीय लोगों ने लोहे की रेलिंग लगाने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने इसे बिना अनुमति का कार्य बताते हुए रोक दिया। इसी बात को लेकर तनाव बढ़ गया।

पुलिस ज्यादती के गंभीर आरोप

घटना के बाद मुस्लिम बहुल इलाकों से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि छापेमारी के नाम पर पुलिस ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ की, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। एक विधवा महिला के घर में भी बिना पुरुष सदस्य की मौजूदगी में दबिश देने का आरोप है। कई घरों के बाहर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

एपीसीआर ने की स्वतंत्र जांच की मांग

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर), राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने चौमूं का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। संगठन ने पुलिस कार्रवाई को अत्यधिक और असंवेदनशील बताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर नागरिक अधिकारों का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। एपीसीआर ने स्वतंत्र न्यायिक जांच, निर्दोष लोगों की रिहाई और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना में लगभग 100–150 लोग प्रभावित हुए, जबकि 19 लोगों की गिरफ्तारी की गई।

न्यायालय में लंबित है मामला

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कलंदरी मस्जिद से जुड़ा मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है और वर्ष 2011 में हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके बावजूद की गई प्रशासनिक कार्रवाई से लोगों में रोष व्याप्त है। सीकर से सांसद अमराराम ने चौमूं पहुंचकर प्रभावित इलाकों का दौरा किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। हालात सामान्य होते दिख रहे हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

“कुछ गतिविधियों के जरिए चौमूं थानाधिकारी को अनावश्यक लोकप्रियता मिली है। मामला जब लंबे समय से हाईकोर्ट में स्थगित है, तब जानबूझकर की गई कार्रवाई अधिकारों का दुरुपयोग है। पूरे घटनाक्रम में जो भी हुआ, वह गलत है—चाहे वह पुलिस के साथ हुआ हो या आम लोगों के साथ।”

गोविंद सिंह डोटासरा, अध्यक्ष, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस

“चौमूं की कलंदरी मस्जिद से जुड़े विवाद में प्रशासन की भूमिका निंदनीय है। मैं प्रशासन और कांग्रेस पार्टी से कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं और मांग करता हूं कि किसी भी निर्दोष मुस्लिम भाई को परेशान न किया जाए। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें रिहा किया जाए। संविधान और इंसाफ़ से ही शांति कायम रह सकती है।”

राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, पूर्व मंत्री

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