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हेल्थ

डिस्पोजेबल पेपर कप में कॉफी पीना क्यों खतरनाक ?

By Friday Sanwad
February 27, 2026 2 Min Read
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डिस्पोजेबल पेपर कप को अक्सर “सुरक्षित विकल्प” माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये उतने सुरक्षित नहीं हैं जितना हम सोचते हैं। माइक्रोप्लास्टिक आज दुनिया के हर कोने में फैल चुका है—स्तन दूध से लेकर पुरुषों की प्रजनन कोशिकाओं तक—और यही माइक्रोप्लास्टिक आपके रोज़मर्रा के पेपर कप में भी छिपा है। देखने में कागज़ जैसा लगने वाला यह कप वास्तव में प्लास्टिक की परत से कोटेड होता है, जो गर्म पेय डालते ही धीरे-धीरे आपके ड्रिंक में घुलने लगती है। होलिस्टिक हेल्थ न्यूट्रिशनिस्ट और डायबिटीज़ एजुकेटर खुशी छाबड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो में इस खतरे के बारे में चेतावनी दी। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप कॉफी के साथ प्लास्टिक पी रहे हैं!” और बताया कि यह आदत लंबे समय में शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

कैसे घुलता है प्लास्टिक?

खुशी के अनुसार, डिस्पोजेबल पेपर कप के अंदर पतली प्लास्टिक की वाटरप्रूफ लेयर होती है, जिसे आमतौर पर पॉलीइथिलीन से बनाया जाता है। जैसे ही इसमें गर्म कॉफी डाली जाती है, तापमान के कारण यह परत टूटने लगती है और 25,000 माइक्रॉन से भी छोटे माइक्रोप्लास्टिक सीधे आपके पेय में घुल जाते हैं। उन्होंने बताया कि “लोग सोचते हैं कि पेपर कप प्लास्टिक का विकल्प है, लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा डरावनी है।”

माइक्रोप्लास्टिक शरीर में जाकर क्या करता है?

इन छोटे-छोटे प्लास्टिक कणों का असर पेट तक सीमित नहीं रहता। खुशी छाबड़ा बताती हैं कि यह रक्त धारा में पहुंचकर शरीर के सामान्य कार्यों को प्रभावित करते हैं। ये एंडोक्राइन डिसरप्टर की तरह काम करते हैं, यानी शरीर के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं में एस्ट्रोजन डोमिनेंस बढ़ने के पीछे भी माइक्रोप्लास्टिक एक बड़ा कारण साबित हो सकता है। इसके अलावा, माइक्रोप्लास्टिक आंतों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, शरीर में सूजन बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म पर लंबे समय तक असर डालता है।

क्या हैं सुरक्षित विकल्प?

यदि आप कैफ़े में बैठकर कॉफी पी रहे हैं, तो सिरेमिक कप मांगें।
बाहर लेकर जाने के लिए स्टेनलेस स्टील टम्बलर या थर्मस साथ रखें।
जरूरी सूचना: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी पर आधारित है। इसमें बताए गए दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं। पाठकों के लिए यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से दी जा रही है, इसे चिकित्सकीय सलाह न समझें।

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