नूर मस्जिद कब्रिस्तान के पास बदहाली का आलम, सीवरेज के पानी से परेशान आमजन; आखिर कब जागेगा नगर परिषद ?
फ्राइडे संवाद सीकर (आदिल कुरैशी)। शहर के नूर मस्जिद कब्रिस्तान के पास सड़क की बदहाल स्थिति और लंबे समय से जमा सीवरेज के पानी ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। कई सालों से चली आ रही इस समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाना नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। हालात ऐसे हैं कि आमजन को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं आसपास के व्यापार पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
‘अंतिम सफ़र’ बदहाल रास्तों के बीच
इस क्षेत्र की समस्या केवल जलभराव और खराब सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की धार्मिक भावनाओं और मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ी हुई है। यहां पास में नूर मस्जिद और कब्रिस्तान स्थित हैं, जबकि कुछ दूरी पर श्मशान भूमि भी है। यानी किसी व्यक्ति के अंतिम सफर से जुड़े रास्ते पर लोगों को गंदे पानी और बदहाल रास्तों के बीच से गुजरना पड़ता है। सीवरेज का पानी जमा रहने से जनाजे में शामिल होने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति शहर की बुनियादी सुविधाओं और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दुकानदारों का कारोबार प्रभावित
स्थानीय लोगों के लिए परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब बारिश के दौरान यहां कई दिनों तक पानी जमा रहता है। गंदे पानी के बीच से गुजरना, आवागमन में दिक्कत और आसपास के दुकानदारों का प्रभावित कारोबार इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। वर्षों से बनी इस स्थिति के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है। सवाल यह है कि जब समस्या वर्षों से मौजूद है, तो जिम्मेदार विभागों ने अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं किया? क्या नगर परिषद और प्रशासन को किसी बड़ी परेशानी का इंतजार है? क्या आमजन को बुनियादी सुविधाओं के लिए इसी तरह परेशान रहना पड़ेगा?
अब जरूरत केवल आश्वासन देने की नहीं, बल्कि मौके का निरीक्षण कर सीवरेज निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और सड़क को दुरुस्त कराने की है। नगर परिषद एवं संबंधित अधिकारियों को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके और धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता एवं सम्मानजनक आवागमन सुनिश्चित हो सके।