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जयपुरटॉप न्यूज़

पोर्टल पर संपत्ति को दर्ज करने की उम्मीद अधूरी; कहीं नहीं मिल रहे मुतव्वली, तो कही वक्फ़ बोर्ड बेसुध

By Friday Sanwad
November 27, 2025 3 Min Read
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एफआर न्यूज. जयपुर | कुछ ही दिनों में केंद्र सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक़्फ़ प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का निर्धारित समय (जो कि 5 दिसंबर) खत्म होने जा रहा है। इस तय समय सीमा में वक्फ संपत्तियों की सभी जानकारी उम्मीद पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करवाना अनिवार्य था। लेकिन अफसोस देश के लगभग सभी जिलों से इस संदर्भ में मायूसी ही हाथ लगी। एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 15- 16% वक्फ सम्पति उम्मीद पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो पा सकी है। कहीं मुतव्वली नहीं मिल रहे, तो कहीं वक्फ बोर्ड खाना पूर्ति करते नजर आया। ऐसे ही हाल राजस्थान में भी देखने को मिला। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान वक्फ बोर्ड के पास 19 हजार 44 संपत्तियां ऑकाफ रजिस्टर में पंजीकृत हैं। इनमें से 17 हजार 415 संपत्तियां राजस्थान राजपत्र में प्रकाशित व 1629 राजपत्र प्रकाशन के पश्चात दर्ज हैं। इन वक्फ संपत्तियों से बोर्ड को सालाना 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का किराया आता है।

जमात अहले हदीस की ओर से “वक़्फ़ प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन” को लेकर वर्कशॉप का आयोजन

जमात अहले हदीस राजस्थान की ओर से वक़्फ़ संपत्ति, एसआईआर व मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। 22 नवम्बर को हम्जा मस्जिद झोटवाड़ा में आयोजित इस वर्कशॉप में जयपुर सहित मकराना व लाडनू के आलिमों ने शिरकत की। इस मौके पर चार सदस्यों की टीम भी गठित की गई, जिसमें असगर खान, एडवोकेट एहसान बद्र तेमी, उम्मेद अली व मुनव्वर आलम को शामिल किया गया। यह टीम 15 दिनों में प्रदेश भर का दौरा करके वक्फ सम्पत्ति पंजीकरण करने को लेकर जिम्मेदारान व आवाम को जागरूक करने का काम करेगी।

कानून से घबराने की जरूरत नहीं

वही राजस्थान मदरसा बोर्ड की पूर्व सेक्रेटरी शरफुद्दीन बेग (रिटायर्ड) ने वक़्फ़ एक्ट व उम्मीद पोर्टल के बारे में अहम जानकारी साझा की। उन्होंने कुरान की आयत पेश करके बताया कि सरकार के नए कानून से घबराने की जरूरत नहीं बल्कि अपने आप को कौमी सतह पर अपडेट करने की जरूरत है। अगर हम अपने ईमान पर रहते हुए इल्म हासिल करेंगे और सर्व समाज की खिदमत करेंगे, तो यह न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे देश के विकास में हमारा अहम योगदान होगा।

नई संपत्ति कब भी दर्ज करवायी जा सकेगी

वक्फ अमेंडमेंट एक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर की तारीख तक सारी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर करवाना है। शरफुद्दीन बेग ने कहा कि उम्मीद पोर्टल पर पुरानी और नई दोनों वक्फ संपत्ति के रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन है। दरअसल 5 दिसंबर तक वक्फ बोर्ड गजट में रजिस्टर्ड/जदीद वक्फ को उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। जबकि नई संपत्ति कब भी दर्ज कराई जा सकेगी। आमतौर पर पुरानी सम्पत्ति की रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी मुतवल्ली की होती है। लेकिन अगर मुतवल्ली अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे तो हम खुद भी एप्लीकेंट बनकर वक़्फ़ सम्पत्ति को रजिस्टर्ड करवाने में अहम जिम्मेदारी अदा कर सकते हैं। उम्मीद पोर्टल पर कोई भी एप्लीकेंट बन सकता है। इसके लिए अपने जिले के डीएमओ से मुतवल्ली के साथ जाकर रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है।

ट्रस्ट और सोसायटी

अगर सम्पत्ति को वक्फ करने में किसी तरह की अड़चन आ रही हो तो अपनी संस्थाओं की प्रॉपर्टी ट्रस्ट और सोसायटी बनाकर भी अटैच की जा सकती है। यह भी एक अच्छा विकल्प है। ट्रस्ट या सोसायटी के माध्यम से संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सकता है और भविष्य में किसी भी कानूनी जटिलता से बचा जा सकता है। इससे संपत्ति का प्रबंधन भी सुचारू रूप से होता रहेगा। अंत में उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर तक अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत करते हुए उम्मीद पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाना है। मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है।
अंत में शरफुद्दीन बेग ने कहा कि समाज के सभी समाजसेवी, गवर्नमेंट सर्वेंट, सामाजिक कार्यकर्ता, जिम्मेदारान से अपील है कि वे इस काम पर खास ध्यान दें।
“वक्फ संपत्तियों की रजिस्ट्रेशन में हो रही देरी चिंता का विषय है। राजस्थान वक्फ बोर्ड को भी अभियान चलाकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को तेज करने की जरूरत है।”

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