मक्का से मदीना तक पैगंबर ﷺ की हिजरत का रास्ता बना खास अनुभव, जानिए क्या है
सऊदी अरब में हजरत पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और हजरत अबू बक्र सिद्दीक रज़ियल्लाहु अन्हु की मक्का से मदीना तक की हिजरत के रास्ते को ‘अला खुताह’ यानी ‘पैगंबर के नक्शे-कदम पर’ नाम के अनुभव-मार्ग के रूप में पेश किया गया। करीब 470 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का मकसद इस्लामी इतिहास को पर्यटन और शिक्षा के साथ जोड़कर लोगों तक पहुंचाना है।
इस रास्ते पर 41 ऐतिहासिक स्थल और हिजरत के अलग-अलग चरणों को दर्शाते 7 रात्रि विश्राम स्थल बनाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 68 से अधिक दुकानें और 112 रेस्तरां भी हैं। इंटरैक्टिव एग्जिबीशन, स्टोरी टेलिंग प्रेजेंटेशन और माइग्रेशन म्यूजियम के जरिए उस दौर के सफर को समझाया जाता है। मुख्य पैकेज चार दिन का है, जो गार-ए-सौर (सौर गुफा) से कुबा मस्जिद तक जाता है। शुरुआती चरण में 10 लाख जायरीन और 2030 तक 50 लाख जायरीन का लक्ष्य बताया गया है। इस तरह यह मार्ग दीन के साथ इतिहास को करीब से जानने का एक नया जरिया बनकर उभरा है। इसे फरवरी 2026 के मध्य में शुरू किया गया था।