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दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

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राजस्थान के स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य, बच्चों की भाषा व सामान्य ज्ञान बढ़ाने की पहल

By Friday Sanwad
January 9, 2026 2 Min Read
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फ्राइडे संवाद. जयपुर। उत्तर प्रदेश के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 31 दिसंबर को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकारी स्कूलों के सभी विद्यार्थी अब प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट अखबार पढ़ेंगे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पठन-पाठन की आदत विकसित करना, भाषा कौशल मजबूत करना और समसामयिक घटनाओं की समझ बढ़ाना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस गतिविधि के तहत विद्यार्थी रोजाना अखबार से पांच नए शब्द चुनेंगे। इन शब्दों का अर्थ वे स्वयं समझेंगे और कक्षा में अपने सहपाठियों को भी समझाएंगे। इससे बच्चों की शब्दावली बढ़ेगी और उनमें आत्मविश्वास के साथ बोलने की क्षमता विकसित होगी। विभाग का मानना है कि अखबार पढ़ने से छात्रों को समाज, देश और दुनिया में घट रही घटनाओं की जानकारी मिलेगी, जिससे उनका सामान्य ज्ञान भी मजबूत होगा।

किताबों तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक और जीवनोपयोगी शिक्षा देना जरूरी

शिक्षा मंत्री के हवाले से जारी बयान में कहा गया है कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को किताबों तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक और जीवनोपयोगी शिक्षा देना जरूरी है। अखबार पढ़ने की यह पहल उसी दिशा में एक कदम है। शिक्षा विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस गतिविधि को समय-सारिणी में शामिल करें और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में जहां बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिता रहे हैं, वहां अखबार पढ़ने की आदत उन्हें विश्वसनीय सूचनाओं से जोड़ने में मदद करेगी। शिक्षाविदों के अनुसार, यह अभ्यास बच्चों में आलोचनात्मक सोच विकसित करेगा और भाषा के साथ-साथ लेखन कौशल को भी बेहतर बनाएगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पहल चरणबद्ध तरीके से सभी सरकारी स्कूलों में लागू की जाएगी। भविष्य में इसके सकारात्मक परिणामों के आधार पर इसमें और सुधार किए जा सकते हैं। राज्य सरकार की इस पहल को अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया है।

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