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सर्दियों में हड्डियों के फ्रैक्चर के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि, सावधानी बरतने की जरूरत: डॉ. गफ्फार खान

By Friday Sanwad
December 27, 2025 2 Min Read
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फ्राइडे संवाद. फतेहपुर।
सर्दियों के मौसम में ऑर्थोपेडिक चोटों के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जाती है। अमेरिका के बाल्टीमोर स्थित WBFF-FOX की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मौसम में अस्पतालों के आपातकालीन विभागों में पीठ दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और हड्डियों के फ्रैक्चर के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसका प्रमुख कारण ठंड में मांसपेशियों का सख्त होना और फिसलन भरी सड़कों पर गिरना है। आरजीआर अस्पताल फतेहपुर के हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. गफ्फार खान (एमबीबीएस, एमएस ऑर्थो जॉइंट प्लेसमेंट स्पेशलिस्ट) ने बताया कि सर्दियों में ठंड के कारण मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में बैक स्ट्रेन, स्लिप डिस्क, मांसपेशियों में खिंचाव और हड्डियों के फ्रैक्चर के मामले अधिक देखने को मिलते हैं। विशेषकर बुजुर्गों में गिरने से कूल्हे, हाथ और पैर की हड्डियों में फ्रैक्चर का खतरा अधिक होता है।

शारीरिक गतिविधि से पहले हल्का वार्म-अप करना जरूरी

डॉ. गफ्फार ने चोटों से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शारीरिक गतिविधि से पहले हल्का वार्म-अप जरूर करना चाहिए, ताकि मांसपेशियां सक्रिय हो सकें। भारी वजन उठाते समय पीठ को झुकाने के बजाय घुटनों को मोड़कर उठाना चाहिए। सुबह की सैर या व्यायाम से पहले शरीर को पर्याप्त गर्म कर लेना चाहिए। उन्होंने बाहर निकलते समय फिसलन-रोधी जूते पहनने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जूतों के तलवों में अच्छी पकड़ होनी चाहिए, ताकि फिसलने का खतरा कम हो। बुजुर्गों और पहले से हड्डियों की समस्या से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और बाहर निकलते समय सहारा लेना चाहिए। डॉ. खान ने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सही तरीकों को अपनाकर सर्दियों में होने वाली ऑर्थोपेडिक चोटों से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी प्रकार की हड्डी या जोड़ों में दर्द महसूस हो तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर उचित इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और जटिलताओं को रोका जा सकता है।

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