अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, भावुक संदेश में कहा— ‘देश और टीम हमेशा सबसे पहले रहे’
भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, भरोसेमंद और जुझारू खिलाड़ियों में शुमार अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो में रहाणे ने अपने करीब दो दशक लंबे क्रिकेट करियर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देश और टीम को खुद से ऊपर रखा। उनके संन्यास की खबर से करोड़ों क्रिकेट प्रशंसक भावुक हो गए। अपने संदेश में रहाणे ने कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर शुरुआत का एक अंत होता है। बल्लेबाजी में मैंने हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया है और आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का यही सही समय है।” डोंबिवली से भारतीय टीम तक के अपने सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बचपन से उनका एक ही सपना था— भारत की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना। उन्होंने कहा कि उन्होंने हर अभ्यास, हर पारी और हर अवसर को उसी सपने के लिए समर्पित किया।
रहाणे ने कहा, “मैंने हमेशा एक ही नियम अपनाया; देश और टीम को खुद से ऊपर रखा। पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला और हमेशा विश्वास किया कि यदि आपकी नीयत सही हो तो खेल भी आपका साथ देता है।” अजिंक्य रहाणे ने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पारियां दीं। विशेष रूप से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक टेस्ट श्रृंखला जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे गौरवपूर्ण पलों में गिनी जाती है। उनकी सादगी, अनुशासन और संघर्षशीलता उन्हें हमेशा भारतीय क्रिकेट के सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल रखेगी।