फ्राइडे संवाद. जयपुर
मानव अधिकार दिवस के अवसर पर रविवार को एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) राजस्थान द्वारा चैंबर भवन, एम.आई. रोड में एक सिंपोजियम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एपीसीआर राजस्थान के अध्यक्ष एडवोकेट सैयद सआदत अली ने कहा कि मानव अधिकार केवल कागजी प्रावधान नहीं, बल्कि हर नागरिक की गरिमा और स्वतंत्रता से जुड़े मूल अधिकार हैं, जिनकी रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्य अतिथि निशा सिद्धू, राष्ट्रीय महासचिव एनएफआईडब्ल्यू, ने महिलाओं, बच्चों और हाशिए पर खड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा पर जोर देते हुए नागरिकों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

कानूनी जागरूकता जरूरी
विशिष्ट अतिथि सवाई सिंह ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब मानव अधिकारों का सम्मान हो। सलाम जोहर ने जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। अतिथि वक्ता एडवोकेट गुलाम निजामुद्दीन ने कानूनी दृष्टिकोण से मानव अधिकारों की व्याख्या करते हुए कहा कि संविधान प्रदत्त समानता और न्याय के अधिकार को लागू कराने के लिए कानूनी जागरूकता जरूरी है।
कार्यक्रम का संचालन एपीसीआर के महासचिव मुजम्मिल रिजवी ने किया। एडवोकेट मुनाजिर इस्लाम, डॉ. इकबाल सिद्दीकी, रुक्साना उस्मान, मोहम्मद अंसार, बसंत हरियाणा, साबिहा परवीन, एडवोकेट जावेद अख्तर ने भी विचार व्यक्त किए।
सिंपोजियम के अंत में एडवोकेट मोहम्मद इकबाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में रब्बे कुमा खान, मोहम्मद आबिद खान, जमील अहमद, मोहम्मद अजहर, जावेद खान, इस्लामुद्दीन कुरेशी सहित एपीसीआर के अनेक सदस्यों और अधिवक्ताओं ने भाग लिया।

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