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दीन- दुनिया

औलाद की सही तर्बियत ही सबसे बड़ी कामयाबी

By Friday Sanwad
August 6, 2026 2 Min Read
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आज के दौर में अधिकांश वालिदैन अपनी औलाद को बेहतर शिक्षा, सफल करियर और आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य देना चाहते हैं। इसके लिए वे हर संभव प्रयास भी करते हैं। लेकिन इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार बच्चों की परवरिश केवल भौतिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। वास्तविक सफलता तब मानी जाती है, जब औलाद को अच्छे संस्कार, उच्च नैतिक मूल्य और दीन की सही समझ के साथ जीवन जीने की शिक्षा मिले। कुरआन का सार यह बताता है कि प्रत्येक ईमान वाले की ज़िम्मेदारी है कि वह स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को भी बुराइयों से बचाने का प्रयास करे। इसका अर्थ केवल धार्मिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना भी है जहाँ बच्चे सत्य, ईमानदारी, करुणा, अनुशासन और जिम्मेदारी जैसे गुण सीख सकें। परिवार ही वह पहली पाठशाला है जहाँ बच्चे अपने व्यक्तित्व की नींव रखते हैं।

बच्चों की तर्बियत केवल उपदेशों से नहीं

हदीस का सार भी यही है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी-अपनी ज़िम्मेदारियों के लिए उत्तरदायी है। माता-पिता पर यह विशेष दायित्व है कि वे अपनी संतान की सही परवरिश करें और उन्हें ऐसा मार्गदर्शन दें, जिससे वे अच्छे इंसान और समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें। बच्चों की तर्बियत केवल उपदेशों से नहीं, बल्कि माता-पिता के व्यवहार, चरित्र और दैनिक जीवन से भी होती है। इसलिए घर का माहौल बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बचपन से ही बच्चों में सत्यनिष्ठा, अनुशासन, दूसरों के प्रति सम्मान, दया, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए, तो वे जीवन की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें हलाल-हराम की समझ, इबादत की आदत और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना भी उनके व्यक्तित्व को संतुलित बनाता है।
आज तकनीक, सोशल मीडिया और बदलती जीवनशैली के दौर में बच्चों की तर्बियत पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। ऐसे समय में माता-पिता का दायित्व और बढ़ जाता है कि वे केवल बच्चों की भौतिक आवश्यकताओं का ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक और आध्यात्मिक विकास का भी ध्यान रखें। औलाद के लिए सबसे बड़ी विरासत धन-दौलत नहीं, बल्कि अच्छा चरित्र, सही संस्कार और दीन की समझ है। यही तर्बियत उन्हें दुनिया में सम्मान और सफलता दिलाने के साथ-साथ आख़िरत की कामयाबी की राह भी दिखाती है।

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Friday Sanwad

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