फ्राइडे संवाद. ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए सबसे बड़ा आकर्षण पूर्व ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा हैं, जो पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में अपना खिताब फिर से हासिल करने की मुहिम पर हैं। नीरज ने 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन चोट के कारण बर्मिंघम 2022 में हिस्सा नहीं ले सके थे। वे साथी खिलाड़ियों यश वीर सिंह और रोहित यादव के साथ भारत की चुनौती पेश कर रहे हैं। तजिंदरपाल टूर के पास पहला सीडब्ल्यूजी पदक जीतने का मौका शॉट पुट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तजिंदरपाल सिंह टूर अपना कॉमनवेल्थ गेम्स पदक खाता खोलने के इरादे से उतरे हैं। समरदीप सिंह गिल भी इसी स्पर्धा में भारत की चुनौती पेश कर रहे हैं। एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में दो-दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके टूर अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक का स्वाद नहीं चख पाए हैं। वे 2018 गोल्ड कोस्ट में आठवें स्थान पर रहे थे और ग्रोइन चोट के कारण बर्मिंघम 2022 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। पारुल चौधरी को 5000 मीटर में रिडेम्पशन की तलाश महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ के फाइनल में पारुल चौधरी स्टीपलचेज दौड़ में कमजोर प्रदर्शन के बाद वापसी करने उतरी हैं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक पारुल महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में पांचवें स्थान पर रही थीं, जो उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से करीब 12 सेकंड धीमा रहा। वेटलिफ्टिंग, ट्रैक साइक्लिंग में भी भारत की चुनौती भारतीय भारोत्तोलक अपने अभियान का समापन शानदार अंदाज में करना चाहते हैं। बर्मिंघम 2022 के कांस्य पदक विजेता लवप्रीत सिंह (पुरुषों की +110 किग्रा) और मार्टिना देवी मैबाम (महिलाओं की +86 किग्रा) मुकाबले में उतरे हैं। भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू के स्वर्ण पदक सहित ग्लासगो 2026 में अब तक सात पदक जीत चुके हैं। भारत के लिए ट्रैक साइक्लिंग स्पर्धा में भी दमखम दिख रहा है। पुरुष टीम स्प्रिंट में रोजित सिंह यंगलेम, डेविड बेकहम एल्काटोहचूंगो और रोनाल्डो सिंह लैटोंजम की तिकड़ी क्वालिफाइंग और संभावित पदक दौड़ में हिस्सा ले रही है। पैरा साइक्लिस्ट लीशा दास महिलाओं की सी4-सी5 4000 मीटर इंडिविजुअल परस्यूट स्पर्धा में भारत की उम्मीदें बढ़ा रही हैं। एथलेटिक्स में तेजस्विन, विशाल और अनिमेष पर नजर एथलेटिक्स की अन्य स्पर्धाओं में तेजस्विन शंकर अपने डेकाथलॉन अभियान में जुटे हैं, जबकि विशाल टीके पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में भारत की चुनौती पेश कर रहे हैं। राउंड 1 हीट्स में शानदार प्रदर्शन के बाद अनिमेष कुजूर पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा में मैदान में हैं। इसके अलावा निधि रानी और सीमा पूनिया महिलाओं की डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) स्पर्धा में भारत की चुनौती पेश कर रही हैं। बॉल्स स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ी सक्रिय हैं। पुरुष जोड़ी वर्ग में नवनीत सिंह व दिनेश कुमार तथा महिला एकल वर्ग में नयनमोनी सैकिया भारत की चुनौती संभाल रहे हैं। कुल मिलाकर भारतीय दल का प्रदर्शन कई स्पर्धाओं में उत्साहजनक रहा है और आने वाले दिनों में पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।