फ्राइडे संवाद | जयपुर में प्रदेश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। जल्द ही इस परियोजना का भूमि पूजन किया जाएगा। यह घोषणा केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जेईसीसी में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए की। उन्होंने बताया कि राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में नया रेलवे नेटवर्क भी विकसित किया जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि 21वीं सदी में मानवता के लिए नई भाषा और नया विकास कोड लिख रही है। उन्होंने युवाओं, स्टार्टअप्स और निवेशकों से राजस्थान में एआई के बढ़ते अवसरों से जुड़ने का आह्वान किया। सीएम ने कहा कि विकसित राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने में एआई अहम भूमिका निभाएगा और सरकार स्टार्टअप्स के लिए बेहतर इकोसिस्टम तैयार कर रही है।
राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी लागू
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी लागू की जा रही है, जिससे तकनीक अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और निजता-संरक्षित बनेगी। इसके तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी और करीब 10 लाख लोगों को एआई से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 6.5 करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर्स हैं और हर महीने 81 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन होते हैं। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए ‘ऑपरेशन एंटी वायरस’ के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
