ड्रग्स तस्करों पर शिकंजा: 1620 गिरफ्तार, 72.90 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज
20 जुलाई से विशेष ऑपरेशन, 1167 केस दर्ज, श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा कार्रवाई
फ्राइडे संवाद. जयपुर | प्रदेश को ड्रग्स फ्री बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन में राजस्थान पुलिस ने तस्करों के खिलाफ चार मोर्चों पर कार्रवाई की है। गिरफ्तारी और ड्रग्स जब्ती के साथ अब तस्करों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियां भी फ्रीज की जा रही हैं। 20 जुलाई से शुरू अभियान में अब तक 1167 केस दर्ज कर 1620 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के अनुसार उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नेटवर्क को आर्थिक रूप से तोड़ना भी है।
श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा कार्रवाई
श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा 111 केस दर्ज कर 134 आरोपी पकड़े गए। हनुमानगढ़ में 68 केस में 125 और बीकानेर में 66 केस में 78 आरोपी गिरफ्तार हुए। कोटा शहर में 41 केस में 59 आरोपी पकड़े गए। अभियान में 5799 मामलों में ड्रग्स नष्ट कराई गई और 445 वाहनों का नियमानुसार निस्तारण किया गया।
बड़ी बरामदगी
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने 3482 किलो डोडा चूरा और 22 किलो अफीम बरामद की। पाली में 3705 किलो डोडा पोस्त जब्त हुआ। बीकानेर में 10.30 किलो हेरोइन के साथ 11 विदेशी पिस्टल और 100 कारतूस मिले। नशीली दवाओं के खिलाफ झुंझुनूं में 2500 से अधिक ट्रामाडोल गोलियां जब्त की गईं।
72.90 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत 129 प्रकरण सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए, जिनमें 69 में कार्रवाई की पुष्टि हो चुकी है। इनकी अनुमानित कीमत 72.90 करोड़ रुपए है। सबसे ज्यादा प्रतापगढ़ में 20.35 करोड़ और भीलवाड़ा में 17.77 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई।
65 कुख्यात तस्करों पर डिटेंशन की तैयारी
आदतन और कुख्यात तस्करों को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट में प्रिवेंटिव डिटेंशन में रखने के लिए 17 जिलों से 65 तस्करों के प्रस्ताव तैयार हुए हैं। इनमें 54 प्रस्ताव गृह विभाग में विचाराधीन हैं। सबसे ज्यादा हनुमानगढ़ से 14 प्रस्ताव भेजे गए हैं।