पंचायत व निकाय चुनाव नहीं होना, हमारे आदेश का उल्लंघन: हाईकोर्ट
फ्राइडे संवाद
चुनाव आयुक्त और ओबीसी आयोग सचिव को गुरुवार को पेश होकर देना होगा स्पष्टीकरण
जयपुर। हाईकोर्ट ने पंचायती राज संस्थाओं व नगरीय निकायों के चुनाव 31 जुलाई तक पूरा करने के दिए गए आदेश की पालना नहीं होने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयुक्त व ओबीसी आयोग के सचिव को गुरुवार को पेश होकर यह बताने के लिए कहा है कि पंचायत व निकाय चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं। यह निर्देश एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने गिरिराज सिंह देवंदा एवं पूर्व एमएलए संयम लोढ़ा की याचिका में चुनाव की समय सीमा बढ़ाए जाने वाले प्रार्थना पत्र पर दिया। खंडपीठ ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग को अदालत के आदेश की पालना करवानी चाहिए थी, लेकिन प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि आदेशों का उल्लंघन हो रहा है। एजी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खंडपीठ ने 31 जुलाई तक पंचायत व निकाय चुनाव करवाने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार को चुनाव के लिए कुछ और समय दिया जाए, क्योंकि चुनाव आयोग को ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। चुनाव आयोग के अधिवक्ता अमित कुड़ी ने बताया कि खंडपीठ के आदेश के बाद ही 6 जुलाई के पत्र में सरकार को बताया गया था कि आरक्षण का विवरण 31 अगस्त 2026 तक मिलने की स्थिति में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों की संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में करीब 90 दिन का समय लगेगा।