नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालातों ने भारत के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। युद्ध की चपेट में आए क्षेत्र में भारतीय नागरिकों और व्यापार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से 4 मार्च तक की अवधि में भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। पश्चिम एशिया के आठ देशों ने अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे हजारों यात्री देश भर के हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। सऊदी अरब के जेद्दाह में फंसे सैकड़ों यात्री भारत लौट आए हैं। गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे पर जैसे ही ये यात्री उतरे, उनकी आंखों से आंसू छलक आए। वही दूतावास की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि मौजूदा हालात के बावजूद रियाद और जेद्दाह में भारतीय मिशन की सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। वीजा और अन्य काउंसलर सेवाएं भी वीएफएस के माध्यम से नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। ईरान द्वारा समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज रूट को बंद किए जाने से शिपिंग पर भी असर पड़ा है।

नौसैनिकों की जान को खतरा

खाड़ी क्षेत्र में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में भारतीय झंडे वाले 37 जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर सवार 1,109 भारतीय नाविक असुरक्षित परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में श्रीलंका के तट पर एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा एक ईरानी जहाज को डुबोए जाने की घटना से स्थिति और गंभीर हो गई है।

राजनयिक प्रयास तेज

इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सभी देशों के नेताओं से बातचीत की है। सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान और कुवैत के साथ व्यापक बातचीत में पीएम मोदी ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ विस्तृत चर्चा में दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि क्षेत्रीय शांति बहाली के लिए निरंतर राजनयिक प्रयास आवश्यक हैं।

विवाद से स्पष्टीकरण

भारतीय बंदरगाहों के संदर्भ में अमेरिकी नौसेना के इस्तेमाल संबंधी दावों को भारत सरकार ने पूरी तरह खारिज किया है। इजरायल के राजदूत ने स्पष्ट किया है कि पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान ईरान पर सैन्य कार्रवाई की योजना नहीं थी। भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह संकट भारतीय समुदाय के सुरक्षित संचालन और व्यापार स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगा। पीएम मोदी सभी पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान की अपील कर रहे हैं।

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